अश्वगंधा क्या होता है? अश्वगंधा खाने के फायदे, उपयोग और नुकसान क्या है? जानिए Ashwagandha Ke Fayde aur Nuksan से जुड़ी सभी जानकारी हिन्दी में

आज हम जानेंगे अश्वगंधा के फायदे और नुकसान क्या है पूरी जानकारी (Ashwagandha in Hindi) के बारे में क्योंकि आयुर्वेदिक ग्रंथों में अश्वगंधा का इतनी बार जिक्र किया गया है कि, लोग इसके बारे में जानने के लिए काफी उत्सुक हो जाते हैं। यह एक ऐसी जड़ी-बूटी होती है, जो मुख्य तौर पर उन लोगों को लुभाने का काम करती है, जो शरीर से पतले हैं या फिर अन्य कोई शारीरिक कमजोरियों का सामना कर रहे हैं। अश्वगंधा का नाम जब भी लिया जाता है, तब इसके साथ ही साथ शतावरी का नाम भी लिया जाता है।

कहा जाता है कि, जो व्यक्ति इन दोनों का सेवन लगातार 3 से 4 महीने तक कर लेता है उसकी बॉडी में फिर किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक कमजोरी नहीं रहती है, क्योंकि यह दोनों बहुत ही पावरफुल आयुर्वेदिक औषधि है, जो कई पोषक तत्वों का भंडार है। आज के इस लेख में जानेंगे कि Ashwagandha Kya Hota Hai, अश्वगंधा के फायदे, Ashwagandha in Hindi, अश्वगंधा के नुकसान, Ashwagandha meaning in Hindi, आदि की जानकारीयां पूरा डिटेल्स में जानने को मिलेगा, इसलिये इस लेख को सुरू से अंत तक जरूर पढे़ं।

अश्वगंधा क्या होता है? – What is Ashwagandha in Hindi

Ashwagandha In Hindi
Ashwagandha In Hindi

अश्वगंधा का जिक्र तो आयुर्वेदिक ग्रंथों में अश्वगंधा के नाम से ही है परंतु सामान्य बोलचाल की भाषा में इसे कहीं कहीं पर इंडियन विंटर चेरी कहकर बोला जाता है तो कहीं पर इसे जिनसेंग भी कहा जाता है। यह जो अश्वगंधा है, यह ऐसी स्ट्रांग जड़ी बूटी है, जो आज से ही नहीं बल्कि काफी लंबे समय से अलग-अलग कामों के लिए इस्तेमाल में ली जा रही है। पहले सिर्फ अश्वगंधा की जड़ी बूटी का ही इस्तेमाल किया जाता था, परंतु आज के आधुनिक जमाने में अश्वगंधा पाउडर, कैप्सूल और अश्वगंधा चूर्ण के फॉर्म में भी आपको मार्केट में मिल जाता है।

इसका वानस्पतिक नाम विथानिया सोम्निफेरा है। Ashwagandha का पौधा लगभग 75 सेंटीमीटर जितना लंबाई में होता है और गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब हमारे भारत देश के कुछ ऐसे इलाके हैं, जहां पर अश्वगंधा की खेती काफी ज्यादा की जाती है, क्योंकि इसकी खेती ऐसे स्थानों पर अधिक होती है जो स्थान सूखे होते हैं। बात करें अगर विदेशों की तो नेपाल और चीन यह दोनों ऐसे देश है, जहां पर इसकी बंपर पैदावार होती है। तकरीबन 23 प्रकार की प्रजातियां पूरी दुनिया में अश्वगंधा की पाई जाती हैं और हमारे इंडिया में इसकी सिर्फ 2 ही प्रजाति पाई जाती है।

अश्वगंधा मखाना के अन्य नाम क्या है? – Name of Ashwagandha in Different Languages

क्र.म.भाषाएंनाम
1.हिंदी मेंअश्वगंधा, पुनीर, नागौरी
2.अंग्रेजी मेंविंटर चेरी, प्वाइजनस गूसबेरी
3.संस्कृत मेंबल्दा, कुष्ठ नंदिनी, वराह करणी
4.उड़िया मेंअसुंध
5.उर्दू मेंअसगंधनागोरी
6.कन्नड़ मेंअमनगुरा
7.गुजराती मेंआसन्ध
8.तमिल मेंचुवदिग
9.तेलुगु मेंपैन्नेरुगड्डु
10.बंगाली मेंअश्वगन्धा
11.नेपाली मेंअश्वगन्धा
12.पंजाबी मेंअसगंद
13.मलयालम मेंअमुक्कुरम
14.मराठी मेंअसकन्धा
15.अरेबिक मेंतुख्मे हयात
16.फारसी मेंमेहरनानबरारी

अश्वगंधा का इतिहास क्या है? – History of Ashwagandha in Hindi

अश्वगंधा का जिक्र सबसे ज्यादा किसी ग्रंथों में किया गया है तो वह आयुर्वेदिक और यूनानी ग्रंथों में किया गया है। इसकी उत्पत्ति कब हुई, इसके बारे में कोई भी सटीक जानकारी नहीं है, परंतु यह बात तो कंफर्म है कि अश्वगंधा की गिनती सदाबहार पौधे के तौर पर होती है, जो कि अफ्रीका, भारत और मध्य पूर्व अफ्रीका में बहुत ही भारी मात्रा में पाई जाती है। जंगलों में तो यह जड़ी-बूटी अपने आप ही पैदा हो जाती है और कहीं-कहीं पर इसकी भारी पैमाने पर खेती की जाती है।

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अश्वगंधा का हिंदी में अर्थ निकाला जाए तो इसका मतलब होता है जीवन जासना। औषधि के तौर पर Ashwagandha को दुनिया के कई देशों में मान्यता मिल चुकी है। इसीलिए दुनिया के कई देशों में इसके अलग-अलग नाम रखे गए हैं। पतंजलि जैसी बड़ी कंपनियां अपनी कई दवाइयों में अश्वगंधा को इस्तेमाल में लेती हैं।

अश्वगंधा का सेवन कैसे करें? – How to use Ashwagandha in Hindi

पहले तो अश्वगंधा सिर्फ जड़ी बूटी के तौर पर ही आती थी परंतु अब अश्वगंधा का पाउडर भी मार्केट में मिलता है और यह कैप्सूल तथा तेल के तौर पर भी मार्केट में उपलब्ध है। इस प्रकार अगर आप अश्वगंधा के पाउडर का इस्तेमाल करते हैं, तो आप इसे दूध/ पानी के साथ ले सकते हैं। इसकी कैप्सूल को भी दूध या पानी के साथ लिया जा सकता है और इसके तेल को आप मालिश करने के लिए इस्तेमाल में ले सकते हैं। किसी विशेष प्रॉब्लम के लिए दिए गए निर्देश के हिसाब से ही इसका इस्तेमाल करें।

अश्वगंधा के फायदे – Benefits of Ashwagandha in Hindi

अश्वगंधा के सभी एडवांटेज अथवा फायदे आपको नीचे बताए जा रहे हैं।

1. कोलेस्ट्रोल कम करें अश्वगंधा

रोजाना खाना खाने के बाद 1 गिलास दूध में 2 चम्मच अश्वगंधा पाउडर डालकर पिए। यह आपकी बॉडी में जाने के बाद जो खराब कोलेस्ट्रॉल है, उसे कम करने का काम करता है, जिसके पीछे Ashwagandha के अंदर पाया जाने वाला हाइपोलिपिडेमिक तत्व प्रभावशाली माना जाता है। अश्वगंधा चूर्ण आपकी बॉडी में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड को घटाने के लिए बहुत ही प्रभावशाली औषधि मानी जाती है।

2. अनिद्रा की समस्या खत्म करें अश्वगंधा

जापान की यूनिवर्सिटी में साल 2017 में हुए एक स्टडी के अनुसार अश्वगंधा के पत्ते के अंदर ट्राएथिलीन ग्लाइकोल नाम का एक ऐसा तत्व मौजूद होता है, जो उन लोगों को अच्छी नींद दिलाने में सहायक साबित होता है जिन लोगों को नींद ना आने की प्रॉब्लम है। इसलिए इसके पत्तों को पीसकर के पानी के साथ इसका सेवन रात को सोने से पहले करें।

3. टेंशन खत्म करें अश्वगंधा

ज्यादा टेंशन लेना मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ही घातक साबित हो सकता है। मानसिक टेंशन को दूर करने के लिए Ashwagandha के अंदर पाया जाने वाला anti-stress गुण आपके काफी काम आ सकता है। यह आपकी मानसिक टेंशन को दूर करता है जिससे आपको अच्छी नींद आ सकती हैं।

4. ‌यौन क्षमता बढ़ाए अश्वगंधा

ऐसे पुरुष जो बिस्तर पर अच्छी परफॉर्मेस नहीं दे पाते हैं या फिर ऐसी महिलाएं जिनके अंदर सेक्सुअल इच्छा ज्यादा नहीं जागृत होती है, उन्हें अश्वगंधा को लेना अवश्य चालू कर देना चाहिए। यह बॉडी में ताकत बना कर रखता है और पुरुषों की सेक्सुअल पावर से संबंधित कमजोरियों को दूर करता है, साथ ही महिलाओ में भी सेक्सुअल इच्छा को तेज करता है।

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5. कैंसर से बचाए अश्वगंधा

अश्वगंधा के अंदर पाया जाने वाला एंटीट्यूमर एजेंट उन कोशिकाओं पर बॉडी में जाने के बाद हमला करता है, जो कैंसर को बढ़ाने का काम करती हैं। इसलिए इसका कुछ हद तक इस्तेमाल कैंसर की रोकथाम करने के लिए किया जा सकता है। हालांकि कैंसर की अवस्था में आपको डॉक्टर की सलाह ही माननी चाहिए।

6. डायबिटीज के लिए अश्वगंधा के फायदे

डायबिटीज की सिचुएशन में हमारी बॉडी में चीनी की मात्रा ज्यादा बढ़ जाती है जिसे बॉडी में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ना कहा जाता है। इसी चीनी की मात्रा को कम करने के लिए Ashwagandha के जड़ और अश्वगंधा के पत्ते का इस्तेमाल आप कर सकते हैं। इसके ऊपर साल 2009 में हुई एक रिसर्च के अनुसार ऐसा रिजल्ट पाया गया कि, यह बॉडी में चीनी की मात्रा को कम करने में सहायक हैं।

7. इम्यूनिटी बढ़ाए अश्वगंधा

कोरोनावायरस से बचने के लिए मेडिकल एक्सपर्ट के द्वारा लोगों को अपनी इम्यूनिटी पावर बढ़ाने की सलाह दी जा रही है। अगर आपकी इम्यूनिटी पावर कमजोर है तो आप इसे अश्वगंधा का सेवन करके बढ़ा सकते हैं। अश्वगंधा बॉडी की रोग प्रतिरोधक क्षमता को तेजी के साथ इनक्रीस करता है और इम्यूनिटी पावर को भी बूस्ट करता है।

8. वजन बढ़ाता है अश्वगंधा

पतलेपन की समस्या से परेशान लोगों को रोजाना हल्दी वाले दूध के साथ 3 चम्मच अश्वगंधा पाउडर का सेवन करना चाहिए। यह 4 से 5 महीने के अंदर सुरक्षित तौर पर आपके वजन को बढ़ा देगा अथवा आपके मोटापे को बढ़ा देगा।

9. आंखों के लिए अश्वगंधा

मोतियाबिंद हो जाने पर व्यक्ति को अपनी आंखों से दिखाई देना बंद हो जाता है। इससे बचने के लिए हैदराबाद यूनिवर्सिटी में हुई एक रिसर्च में यह बात सामने निकल कर के आई कि Ashwagandha के अंदर पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुण मोतियाबिंद को होने से रोकते हैं। इस प्रकार से यह अर्थ निकाला जा सकता है कि अश्वगंधा आंखों को लाभ पहुंचाने का काम करता है।

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10. बालों को स्वस्थ करें अश्वगंधा

एनसीबीआई वेबसाइट के ऊपर पब्लिश हुई एक रिपोर्ट के अनुसार यह कहा जाता है कि जिन लोगों के सर के बाल थायराइड की वजह से ज्यादा झड़ते हैं, उन लोगों के सर के बालों के झड़ने की स्पीड को कम करने के लिए अश्वगंधा सहायक साबित हो सकता है।

अश्वगंधा के नुकसान – Side Effects of Ashwagandha in Hindi

अश्वगंधा के संभावित डिसएडवांटेज आपको नीचे दिए गए हैं।

1. उल्टी

लिमिट मात्रा में अगर आप इसका सेवन करते हैं, तो आपको कोई भी साइड इफेक्ट नहीं देखने को मिलते, परंतु ज्यादा खा लेते हैं तो आपको उल्टी की प्रॉब्लम या फिर दस्त की प्रॉब्लम अपने पेट में महसूस हो सकती है।

2. वजन बढ़ना/वजन घटाना

अश्वगंधा वजन बढ़ाता भी है और वजन को कम करने का काम भी करता है। इसीलिए आप जिस उद्देश्य के लिए इसे इस्तेमाल कर रहे हैं, उस उद्देश्य की पूर्ति के लिए इसे किस प्रकार से लेना है इसके बारे में पता अवश्य कर लें।

अश्वगंधा का इस्तेमाल या उपयोग – Use of Ashwagandha in Hindi

Ashwagandha की जड़ी बूटी आपको मार्केट में पाउडर के तौर पर मिल जाती है या टेबलेट के तौर पर मिल जाती है। ऐसे में इसका इस्तेमाल किस प्रकार से करना चाहिए, इसके बारे में आपको डॉक्टर से अवश्य कंसल्ट कर लेना चाहिए। अगर वजन बढ़ाने के लिए आप इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आप अश्वगंधा पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं अथवा अश्वगंधा टेबलेट का इस्तेमाल कर सकते हैं। बता दे कि इसके फायदे और नुकसान दोनों ही होते हैं। इसीलिए आपको डॉक्टर से पूछ करके इसका उपयोग करना चाहिए।

अश्वगंधा चूर्ण के फायदे – Benefits of Ashwagandha Powder in Hindi

  • वजन बढ़ाता है।
  • वजन कम करता है।
  • बालों को मजबूत करता है।
  • सेक्सुअल पावर बढ़ाता है।
  • मोतियाबिंद से बचाए।
  • थाइरोइड से बचाता है।
  • इम्यूनिटी बूस्ट करता है।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
  • डैंड्रफ में फायदेमंद।
  • कॉर्टिसोल लेवल कम करें।
  • घाव भरे।
  • एजिंग से बचाए।
  • दिमाग स्वस्थ रखे।
  • चिंता दूर करें।

अश्वगंधा से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अश्वगंधा के उपयोग हिस्से क्या है?

पत्ते, तने और जड़

अश्वगंधा का सेवन कैसे करें?

पानी अथवा दूध के साथ

अश्वगंधा का सेवन कब करें?

रात को सोने के बाद,सुबह खाना खाने के बाद

अश्वगंधा कहां पाया जाता है?

गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, नेपाल, चाइना

क्या अश्वगंधा से हाइट बढ़ती है?

जी हां

अश्वगंधा की तासीर कैसी होती है?

गरम

अश्वगंधा कहां से खरीदें?

मेडिकल स्टोर, पंसारी की दुकान या ऑनलाइन

क्या हम अश्वगंधा रोजाना ले सकते हैं?

हां पर लिमिटेड मात्रा में

वजन बढ़ाने के लिए अथवा मोटापा बढ़ाने के लिए रोजाना कितना अश्वगंधा लेना चाहिए?

सात से आठ चम्मच

अश्वगंधा पाउडर की कीमत क्या है?

हर ब्रांड के पाउडर की कीमत अलग-अलग है।

निष्कर्ष

आज के इस लेख में आपने जाना की अश्वगंधा क्या होता है? और अश्वगंधा के फायदे और नुकसान? (Ashwagandha in Hindi) इस लेख को पूरा पढ़ने के बाद भी अगर आपके मन में Ashwagandha Ke Fayde aur Nuksan को लेकर कोई सवाल उठ रहा है तो आप नीचे Comment करके पूछ सकते हैं। हमारी विशेषज्ञ टीम आपके सभी सवालों का जवाब देगी।

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