अरंडी क्या होता है? अरंडी तेल के फायदे, उपयोग और नुकसान? जानिए Castor Oil Ke Fayde aur Nuksan से जुड़ी सभी जानकारी हिन्दी में

आज हम जानेंगे अरंडी के तेल के फायदे और नुकसान क्या है पूरी जानकारी (Castor Oil in Hindi) के बारे में क्योंकि दुनिया में शायद भारत ही एक ऐसा देश है, जहां पर घरेलू नुस्खे लोग भारी मात्रा में इस्तेमाल करते हैं। घरेलू नुस्खे का मतलब होता है घर में पाई जाने वाली चीजों से अपनी प्रॉब्लम का निवारण करना। इंडिया में घरों में ऐसी कई चीजें पहले से ही मौजूद होती है, जो छोटी-मोटी समस्याओं को चुटकियों में खत्म कर देती है उन्हीं में से एक चीज है अरंडी का तेल। अरंडी के तेल का नाम तो सभी लोगों ने सुना होता है परंतु इसके बारे में इंफॉर्मेशन काफी कम लोगों को ही होती है।

कुछ लोग तो यहां तक कहते हैं कि अरंडी का तेल खाया नहीं जाता है वहीं कुछ लोग कहते हैं कि अरंडी का तेल खाने में इस्तेमाल किया जा सकता है, तो हमने सोचा कि क्यों ना अरंडी के तेल के बारे में लोगों को जानकारी भी दे दी जाए, साथ ही इस तेल से संबंधित उनकी दुविधा को भी दूर किया जाए। आज के इस लेख में जानेंगे कि Castor Oil Kya Hai, अरंडी तेल के फायदे Castor Oil in Hindi, अरंडी तेल के नुकसान, Castor meaning in Hindi, arandi tel ke fayde, आदि की जानकारीयां पूरा डिटेल्स में जानने को मिलेगा, इसलिये इस लेख को सुरू से अंत तक जरूर पढे़ं।

अरंडी का तेल क्या होता है? – What is Castor in Hindi

अरंडी के तेल के फायदे और नुकसान
Castor Oil In Hindi

जिस प्रकार आप सरसों, मूंगफली और दूसरे वनस्पति तेल को अपनी त्वचा अथवा अपनी बॉडी के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं उसी प्रकार आप अरंडी के तेल को भी यूज में ले सकते हैं, क्योंकि अरंडी का तेल भी वनस्पति ओइल की कैटेगरी में आता है। अरंडी के तेल को बनाने के लिए अरंडी का बीज इस्तेमाल में लिया जाता है और इसे मशीनों में पीसा जाता है, जिसके बाद अरंडी का तेल हमें प्राप्त होता है।

इसके वैज्ञानिक नाम के बारे में बात करें तो इसका वैज्ञानिक नाम रिसिनस कम्यूनिस होता है। इंडिया के लगभग सभी राज्यों में अरंडी का तेल पाया जाता है। हालांकि हर राज्य में इसके अलग-अलग नाम होते हैं। पीठ दर्द को दूर करने में अरंडी का तेल इस्तेमाल में लिया जाता है। इसके अलावा कब्ज की समस्या को भी यह छूमंतर करता है।

अन्य भाषा में अरंडी के नाम क्या है? – Name of Castor in Different Languages

क्र.म.भाषाएंनाम
1हिंदी मेंअरंडी का तेल
2तेलुगु मेंआमुदामु
3बंगाली मेंरिरिरा टेला
4मराठी मेंइरांदेला तेला
5मलयालम मेंअवानक्केना
6तमिल मेंअमानक्कु एनी
7अरबी मेंखिरवा
8पर्शियन मेंबेद ञ्जीर
9अंग्रेजी मेंकैस्टर बीन
10पंजाबी मेंअनेरू
11गुजराती मेंएरंडो
12आसामीइरी

अरंडी के तेल के फायदे – Benefits of Castor Oil in Hindi

किसी से पूछा जाए कि अरंडी के तेल का फायदा क्या है, तो वह कहेगा भाई इसका क्या फायदा यह तो सिर्फ खाना बनाने के काम में आता है परंतु मेरे दोस्त बता दे कि खाना बनाने के अलावा अरंडी का तेल इस्तेमाल में लेने के कई फायदे भी है। आइए आपको उन सभी फायदों के बारे में जानकारी देते हैं।

1. कब्ज खत्म करें अरंडी का तेल

अरंडी के तेल के ऊपर नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन की वेबसाइट ने एक रिपोर्ट जारी की थी। इस रिसर्च के अनुसार ऐसा कहा गया था कि कब्ज की प्रॉब्लम को हटाने में अरंडी का तेल सहायक साबित हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट में इसके पीछे रिसिनोलिक एसिड को कारण बताया गया था, जो अरंडी के तेल में होता है।

2. गठिया में फायदेमंद है अरंडी का तेल

गठिया को ओस्टियोआर्थराइटिस कहा जाता है जिसमें काफी दर्द होता है। अरंडी के तेल पर रिसर्च में यह बात सामने निकल कर के आई है कि अरंडी को कुछ अन्य चीजों के साथ मिला कर के अगर व्यक्ति को दिया जाता है, तो एंटी इन्फ्लेमेटरी इफेक्ट के कारण गठिया के रोगियों को आराम मिलता है और 5 से 6 सप्ताह के भीतर उसके गठिया का दर्द काफी हद तक कम हो जाता है।

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3. प्रेगनेंसी बढ़ाए अरंडी का तेल

जिन महिलाओं को प्रेगनेंसी का दर्द नहीं उठ पा रहा है उन्हें 24 घंटे के अंदर प्रेगनेंसी का दर्द महसूस करने के लिए अरंडी का तेल यानी की कैस्टर ऑयल को खाना चाहिए। यह गर्भवती महिलाओं के पेट में दर्द पैदा करता है। इससे बच्चा पैदा होने में आसानी होती है। हालांकि बता दे कि प्रेगनेंसी में आपको इसे इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से अवश्य सलाह कर लेनी चाहिए।

4. एड़ी के दर्द में राहत पहुंचाएं अरंडी का तेल

अगर आपको किसी भी वजह से अपनी एड़ियों में दर्द हो रहा है तो अरंडी के तेल को हल्का सा सरसों के तेल के साथ मिला लें और इसे हल्का गर्म कर ले। उसके बाद इस तेल से अपनी एडी पर मालिश करें अथवा इस तेल को हल्का गर्म ही अपनी एडी पर लगाएं। इससे आपको एडी के दर्द से छुटकारा मिलेगा।

5. बवासीर से आराम दिलाए अरंडी का तेल

बवासीर में गुदा के आसपास में काफी दर्द होता है और लैट्रिन करने में भी प्रॉब्लम होती है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए अरंडी का तेल आप इस्तेमाल में ले सकते हैं, क्योंकि अरंडी के तेल में लैक्सटिव गुड मौजूद होता है। जो कब्ज को खत्म करता है। इससे बवासीर की प्रॉब्लम धीरे-धीरे खत्म हो जाती है और पेट में गैस तथा एसिडिटी भी जल्दी नहीं होती है।

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6. सूजन कम करें अरंडी का तेल

अरंडी के तेल में एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण तो मौजूद ही होता है, साथ ही इसके अंदर कैपसाइसिन और रिकिनोलेइक एसिड भी उपलब्ध होता है। यह तीनों तत्व छोटी मोटी सूजन को कम करने का काम करते हैं।

7. फंगस खत्म करें अरंडी का तेल

बता दें कि फंगस एक ऐसा जीवाणु होता है जो लगभग सभी जगह पर उपलब्ध होता है। यहां तक कि यह आपकी बॉडी में भी होता है। बॉडी में जब यह ज्यादा हो जाता है तो यह बीमारियां पैदा करने का काम करता है। इसलिए अरंडी का तेल अगर आप खाते हैं तो यह फंगस से लड़ता है और उसे बॉडी में पनपने नहीं देता है।

8. झुरिया हटाए अरंडी का तेल

फैटी एसिड अरंडी के तेल में उपलब्ध होता है। जो अगर आप अपनी त्वचा पर लगाते हैं तो यह त्वचा के अंदर तक घुस जाता है और त्वचा पर अगर झुरिया होती है तो उसे हटाने का काम करता है। इससे त्वचा का निखार बढ़ता है और त्वचा में कसावट भी आती है।

9. मुहासे रोके अरंडी का तेल

अरंडी के तेल में रिसिनोलिक एसिड पाया जाता है जो ऐसे बैक्टीरिया को पैदा होने से अथवा बढ़ने से रोकता है, जो हमारे चेहरे पर पिंपल पैदा करने का काम करते हैं। इसलिए चेहरे पर पिंपल ना हो, इसके लिए हफ्ते में 3 से 4 दिन बिल्कुल हल्की मात्रा में चेहरे पर अरंडी के तेल से मालिश करें।

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10. बाल बढाए अरंडी का तेल

अगर आपके बाल कमजोर हैं तो इसका सीधा सा अर्थ है कि बालों की जड़ों को सही प्रकार से पोषण नहीं मिल पा रहा है। उन्हें पोषण देने के लिए सरसों का तेल लगाएं या तो अरंडी का तेल लगाएं। अरंडी का तेल बालों को पोषण देता है और उन्हें जड़ से मजबूत करता है जिससे बालों के झड़ने की समस्या कम होती है।

11. बच्चों के लिए फायदेमंद है अरंडी का तेल

अरंडी के तेल से मालिश करने से बच्चों की त्वचा मजबूत बनती है और उन्हें नमी भी मिलती है। इसके अलावा यह डायपर के कारण हो चुके रैशेज से भी बच्चों को राहत देता है, साथ ही उनके बालों को भी यह स्ट्रांग बनाने का काम करता है। छोटे बच्चे की गैस को भी यह दूर करता है। इसके लिए अरंडी के तेल को हल्का गर्म करके इसे बच्चे के पेट पर लगाना चाहिए। हालांकि यह सभी तरीका 6 महीने से ऊपर की उम्र के बच्चे पर ही करना चाहिए।

अरंडी का तेल इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है?

देखिए अरंडी के तेल को इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है यह आपके ऊपर ही डिपेंड करता है क्योंकि सभी व्यक्ति की आवश्यकता अलग-अलग होती है और उनकी समस्या भी अलग-अलग हो सकती है। हो सकता है कि आपको कुछ ऐसी प्रॉब्लम हो, जिसमें अरंडी का तेल आपको त्वचा के बाहरी हिस्से पर इस्तेमाल करना हो या फिर आपको त्वचा के अंदरी हिस्सों पर इस्तेमाल करना हो।

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इसीलिए आप ही इस बात का निर्णय ले सकते हैं कि इसे सही प्रकार से किस तरह इस्तेमाल किया जाना चाहिए। अगर त्वचा के बाहरी हिस्से में कोई समस्या है तो आप अरंडी के तेल को त्वचा पर लगा सकते हैं और त्वचा के अंदरी पार्ट में समस्या है तो आप इसे त्वचा के अंदरी हिस्से मे लगा सकते हैं।

अरंडी के तेल का नुकसान – Side Effects of Castor Oil in Hindi

जब अरंडी के बीज से अरंडी का तेल निकाला जाता है, तो इस दरमियान कई केमिकल वाली दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है, जिसके कारण तेल की क्वालिटी पर इफेक्ट पड़ता है। इसीलिए कभी-कभी यह कुछ लोगों को नुकसान दे सकती हैं ।

1. उल्टी हो सकती है

अरंडी के तेल की मोटाई ज्यादा होती है। इसलिए अगर आप एक बार में ही इसे ज्यादा खा लेते हैं तो यह आपके पेट में जाने के बाद गड़बड़ी पैदा कर सकती है जिससे आपको उल्टी हो सकती है।

2. दस्त लग सकती है

हमने ऊपर ही आपको बताया कि अरंडी के तेल में लैक्सेटिव गुण मौजूद होता है जो कब्ज में तो राहत देता है परंतु अधिक लेने पर यह आपको दस्त का सामना भी करवा सकता है।

3. पेट में मरोड़ हो सकती है

अरंडी के तेल का एक साइड इफेक्ट यह भी है कि अत्यधिक मात्रा में इसे लेने से यह आपके पेट में ऐठन अथवा पेट में मरोड़ भी पैदा कर सकता है। आपको यह जानकर भी आश्चर्य होगा कि अरंडी का बीज अत्याधिक खाने से मौत भी हो सकती है।

अरंडी के तेल का उपयोग कैसे करना चाहिए? – Use of Castor Oil in Hindi

बता दें कि अरंडी के तेल का सेवन आप अलग-अलग प्रकार से कर सकते हैं। इसे डायरेक्ट तभी खाना चाहिए जब आपको इसकी थोड़ी सी मात्रा की आवश्यकता हो। बाकी के तरीकों में से आपको किसी न किसी चीज के साथ इसे खाना चाहिए। खाने में आप इसे मिलाकर के खा सकते हैं अथवा फलों के रस के साथ भी आप इसे थोड़ा सा मिक्स करके पी सकते हैं।

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बॉडी पर मालिश करने के लिए भी आप इसे इस्तेमाल में ले सकते हैं। जिस जगह पर फिसलन की आवश्यकता हो वहां पर भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। सरसों के तेल के साथ मिलाकर के आप इसे बालों में लगा सकते हैं। चेहरे पर लगाने के लिए आप एलोवेरा के साथ इसे लगा सकते हैं।

एरंड कहां पाया और उगाया जाता है?

अरंडी के बारे में सबसे खास बात यह है कि इसे ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती है। इसलिए जिन जगहों पर पानी ज्यादा नहीं है अथवा जिन खेतों में ज्यादा नमी नहीं है वहां पर भी इसकी खेती बड़े ही आराम के साथ की जा सकती है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में भारी पैमाने पर अरंडी की खेती की जाती है।

इसके अलावा यह बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, आसाम, बंगाल, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक तथा लगभग सभी भारत के राज्यों में पाया जाता है। सबसे पहले हमें अरंडी का बीज मिलता है जिसमें तेल होता है और इसे ही पीस करके अरंडी का तेल प्राप्त किया जाता है। विदेशों में अरंडी के तेल का इस्तेमाल इंधन के तौर पर भी किया जा रहा है। सामान्य तौर पर अगस्त या फिर सितंबर के महीने में अरंडी की फसल को बोया जाता है।

अरंडी (Castor) से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरंडी ज्यादा पानी लेने वाली फसल है या फिर कम पानी लेने वाली फसल है?

कम‌ पानी

अरंडी की खेती करने के लिए कैसी जमीन अच्छी मानी जाती है?

दोमट जमीन

दुनिया में सबसे ज्यादा अरंडी कौन से देश में पैदा होती है?

भारत में

अरंडी से क्या बनाया जाता है?

लुब्रिकेंट्स, दवा, पॉलिश, पेंट, डिटर्जेंट, प्लास्टिक सामान

अरंडी का पौधा अधिकतम कितना बड़ा होता है?

12 मीटर

अरंडी के बीज में कितना पर्सेंट तेल होता है?

40 से 60 परसेंट

अरंडी का तेल कैसा होता है ?

मोटा और साफ

निष्कर्ष

आज के इस लेख में आपने जाना की अरंडी क्या होता है? और अरंडी तेल के फायदे और नुकसान? (Benefits and Side Effects of Castor oil in Hindi) इस लेख को पूरा पढ़ने के बाद भी अगर आपके मन में arandi ke fayde को लेकर कोई सवाल उठ रहा है तो आप नीचे Comment करके पूछ सकते हैं। हमारी विशेषज्ञ टीम आपके सभी सवालों का जवाब देगी। अगर आपको लगता है कि इस लेख में कोई गलती है तो आप नीचे Comment करके हमसे बात कर सकते हैं, हम उसे तुरंत सुधारने की कोशिश करेंगे।

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