बुखार क्या होता है? बुखार के प्रकार, कारण, लक्षण और इलाज क्या है?

आज हम जानेंगे बुखार का इलाज की पूरी जानकारी (Fever in Hindi) के बारे में क्योंकि ठंडी और बरसात के मौसम में अक्सर लोगों की बॉडी का टेंपरेचर गर्म हो जाता है जिसे ग्रामीण बोलचाल की भाषा में बुखार होना कहा जाता है। बुखार महिला, पुरुष और बच्चे सभी को होता है। बच्चों को जब बुखार होता है तो उनका जल्द से जल्द इलाज किया जाना आवश्यक होता है क्योंकि बच्चे बुखार के तापमान को नहीं सह पाते हैं।

वही बड़े पुरुष और महिलाएं सामान्य Fever के तापमान को सह लेते हैं परंतु जब बुखार टेंपरेचर से ज्यादा होने लगता है तो उसे खत्म करने के लिए बुखार की दवा लेनी चाहिए। इस आर्टिकल के द्वारा हम आज बुखार के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। आज के इस लेख में जानेंगे कि Fever Kya Hai, बुखार के प्रकार, Fever in Hindi, बुखार के कारण, बुखार का घरेलू इलाज क्या है, आदि की जानकारीयां पूरा डिटेल्स में जानने को मिलेगा, इसलिये इस लेख को सुरू से अंत तक जरूर पढे़ं।

बुखार क्या होता है? – What is Fever in Hindi

Fever In Hindi
Fever In Hindi

अलग-अलग प्रकार से हानिकारक वायरस और जीवाणु हमारी बॉडी में चले जाते हैं। बॉडी में जाने के बाद उनका टकराव सीधा हमारी बॉडी की रोग प्रतिरोधक क्षमता से होता है। ऐसे में जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है उन्हें यह वायरस अपनी चपेट में नहीं ले पाते हैं परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन्हें वायरस अपनी चपेट में ले लेते हैं और इसके कारण उनकी बॉडी में कई परिवर्तन होते हैं, जिसमें बॉडी गर्म हो जाती है, जिसे बोलचाल की भाषा में बुखार होना कहा जाता है।

बुखार (Fever) एक नॉर्मल समस्या होती है जिसे पेरासिटामोल जैसी टेबलेट खा कर के दूर किया जा सकता है परंतु जब वायरल बुखार हो जाता है तो यह समस्या घातक होती है। इससे बचने के साथ ही साथ इसका उचित इलाज किया जाना आवश्यक होता है। बुखार हो जाने पर माथे पर के आसपास का एरिया ज्यादा गर्म होता है और सर दर्द जैसी समस्याएं भी होने लगती है तथा थकान महसूस होती है।

बुखार के प्रकार – Type of Fever in Hindi

  1. वायरल : इस प्रकार का बुखार होने का कारण इंफेक्शन है।
  2. चिकनगुनिया : यह मच्छर के काटने के कारण होता है।
  3. मलेरिया : यह मच्छरों के कारण ही होता है।
  4. दिमागी बुखार : दिमाग में सूजन होने पर यह होता है।
  5. डेंगूं : यह भी मच्छरों के काटने से होता है।
  6. टाइफाइड : गंदा खाना अथवा पानी के कारण होता है।

बुखार होने का कारण – Reason of Fever in Hindi

  • निमोनिया होने के कारण
  • कोई वैक्सीन लगवाने के कारण
  • इन्फ्लेमेटरी बीमारी होने के कारण
  • अर्थराइटिस की प्रॉब्लम होने के कारण
  • खून का थक्का बनने के कारण
  • देर तक धूप में रहने के कारण
  • बारिश में भींगने के कारण
  • अधिक ठंड लगने के कारण
  • खराब खाना खाने के कारण
  • दवा के साइड इफेक्ट के कारण

बुखार होने के लक्षण – Symptoms of Fever in Hindi

  • हल्की कपकपी होना।
  • थोड़ी थोड़ी ठंडी लगना।
  • ज्यादा मात्रा में पसीना आना।
  • ज्यादा भूख ना लगना।
  • बॉडी में दर्द होना।
  • आलसपन महसूस होना।
  • काम करने का मन ना करना।
  • लगातार सोने की इच्छा करना।
  • बॉडी में जकड़न होना।
  • सर दर्द होना।
  • शरीर का तापमान गर्म होना।
  • खाने में स्वाद ना आना।
  • खाने में नमक कम लगना।

बुखार का पता कैसे लगाएं? – How to Check Fever in Hindi

देसी तरीके से बुखार का पता लगाने के लिए पेशेंट के माथे को टच किया जाता है। अगर उसका टेंपरेचर सामान्य से ज्यादा है तो यह तय कर लिया जाता है कि उसे Fever या बुखार है। इसके बाद उसका इलाज किया जाता है। इसके अलावा बुखार है या नहीं इसका पता लगाने के लिए एक्सीलरी थर्मामीटर का इस्तेमाल किया जाता है जिसे जीभ के अंदर डाला जाता है। अगर उसमें तय निशान से लाइन ऊपर की ओर जाती है तो यह मान लिया जाता है कि व्यक्ति को बुखार है।

बुखार का इलाज क्या है? – Home Treatment for Fever in Hindi

बुखार होने पर सीधा व्यक्ति बिस्तर पकड़ लेता है क्योंकि कमजोरी होने के कारण साथ ही थकान महसूस होने के कारण वह खड़े रहने के काबिल भी नहीं होता है। कई लोगों को तो इतना तेज बुखार लगता है कि उन्हें Fever के साथ-साथ ठंडी भी लगने लगती है। इससे उनकी अवस्था और बिगड़ जाती है।

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लंबे समय तक बुखार का सामना करने वाले लोगों में वजन गिरने की समस्या भी देखी जाती है। इसलिए इसे नजरअंदाज ना करके इसका इलाज करना चाहिए। नीचे Fever हो जाने पर आप कौन से ट्रीटमेंट बुखार भगाने के लिए कर सकते हैं। इसके बारे में आपको जानकारी दी जा रही है।

1. ज्यादा पानी पिए

जब किसी व्यक्ति को बुखार पकड़ लेता है तो उसका टेंपरेचर सामान्य से ज्यादा हो जाता है अर्थात कि उसकी बॉडी गरम लगने लगती है। इसलिए बुखार का पता लगाने के लिए देसी तरीके के तौर पर लोग रोगी की बॉडी को छूते हैं।

अगर उसकी बॉडी गरम महसूस होती है, तो यह कहा जाता है कि उसे बुखार है। Fever हो जाने पर बॉडी में पानी की कमी हो जाती है। इसलिए अपने आप को हाइड्रेट रखने के लिए आपको बुखार के दरमियान पानी पीने में कोई भी कंजूसी नहीं करनी है। आपको 8 से 12 गिलास पानी अवश्य पी लेना है। यह जल्दी से बुखार से आपको रिकवरी करवाएगा हैं।

2. गिलोय बुखार दूर भगाएं

गिलोय का काढ़ा आजकल काफी पिया जा रहा है क्योंकि यह इम्यूनिटी बढ़ाती है। अगर आपको बुखार की समस्या है तो आप उसे दूर करने के लिए गिलोय को इस्तेमाल में ले सकते हैं। गिलोय आपकी बॉडी के इन्फेक्शन को दूर करती है। इसके जरिए बुखार को भगाने के लिए गिलोय लें और इसे एक पतीले में डाले और ऊपर से थोड़ा पानी डालें।

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अब थोड़ी सी काली मिर्च भी डालें और लॉन्ग डाल दें और इसे उबाले। उबालने के बाद छानकर के हल्का गुनगुना हो जाने पर थोड़ा थोड़ा पिए। 3 से 4 दिन के अंदर आपका बुखार खत्म हो जाएगा। इसके साथ ही आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़िया बन जाएगी।

3. तुलसी बुखार दूर भगाएं

जब आप चाय पिए तब उसमें तुलसी के पत्ते अवश्य डाल दें। इससे होगा यह कि आपकी बॉडी को इंफेक्शन से लड़ने में सहायता मिलेगी, साथ ही आपका बुखार भी खत्म हो जाएगा, क्योंकि तुलसी में पाया जाने वाला एंटीवायरल गुण बुखार का खात्मा करने का काम करता है और बॉडी की रोग प्रतिरोधक क्षमता को अच्छा बनाता है। तुलसी की चाय Fever के टेंपरेचर को कम करने में सहायक साबित होगी। हालांकि तुरंत परिणाम पाने के लिए आपको कोई अन्य उपाय करना चाहिए।

4. माथे पर ठंडी पट्टी रखें

यह बुखार को भगाने का सबसे सामान्य उपाय है जिसे बुखार हो जाने पर सबसे पहले किया जाता है। बुखार हो जाने के बाद पेशेंट को बिस्तर पर पेट के बल सीधा लेटा दिया जाता है। उसके बाद पानी में रुमाल को या फिर किसी भी सूती कपड़े को भिगोकर के उसमें से अधिकतम पानी को निकाल कर के उसे पेशेंट के माथे पर रखा जाता है। इससे ठंडक मिलने के कारण पेशेंट के माथे का तापमान धीरे-धीरे सामान्य होने लगता है।

बुखार दूर करने का घरेलू उपाय क्या है?

फिल्मों में आपने देखा होगा कि जब किसी व्यक्ति को बुखार हो जाता है तो तुरंत ही उसके सर पर पानी की पट्टी रखी जाती है, क्योंकि Fever सबसे ज्यादा माथे वाले हिस्से के आस-पास में ही होता है। ऐसे में वहां का टेंपरेचर गर्म हो जाता है। उसे वापस से सामान्य अवस्था में लाने के लिए पानी में भिगोई हुई पट्टी रखी जाती हैं। इससे उस एरिया को ठंडक मिलती है और उसका टेंपरेचर नॉर्मल हो जाता है। हालांकि अधिक टेंपरेचर वाले बुखार में यह तरीका काम नहीं करता है।

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इसीलिए बुखार हो जाने पर घरेलू उपाय को करके बुखार को दूर भगाने के लिए आप चाहे तो काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। काढ़ा Fever को छूमंतर करने के लिए बहुत ही कारगर माना जाता है। तुलसी, लॉन्ग, मुलेठी, शहद, अदरक, काली मिर्च यह कुछ ऐसी चीजें हैं, जो काढे में इस्तेमाल की जाती है। इसका काढ़ा बनाकर के अगर आप पीते हैं तो आपको धीरे-धीरे बुखार से आराम मिल जाएगा।

बुखार से कैसे बचें?

जाने अनजाने में हमारी बॉडी बुखार की चपेट में आ ही जाती है और इससे कैसे बचा जाए, इसके बारे में काफी कम लोगों को ही जानकारी होती है। इसलिए बुखार की समस्या जिंदगी में कई बार लोगों को हो ही जाती है। नीचे हम आपके साथ कुछ ऐसी बातें शेयर कर रहे हैं, जिसे अगर आप ध्यान में रखते हैं, तो आप बुखार होने से बच सकते हैं। इसे आप बुखार होने से कैसे बचा जाए कि बेस्ट टिप्स भी समझ सकते हैं।

  • बरसाती पानी में भीगने से अपने आप को बचाएं।
  • चाय पीने के बाद तुरंत ही ठंडा पानी ना पिए।ज्यादा देर तक धूप में ना रहे।
  • जिन दवा के बारे में आपको जानकारी ना हो, उन्हें डॉक्टर से पूछे बिना ना लें।
  • दो दवा एक साथ लेने की अवस्था में डॉक्टर से अवश्य कंसल्ट कर ले।
  • गंदे पानी में मच्छर पैदा होते हैं। इसलिए अपने आसपास गंदा पानी इकट्ठा ना होने दें।
  • मच्छरों को मारने की/ भगाने की उचित व्यवस्था करें।
  • गंदा भोजन ना करें।
  • गंदा पानी ना पिए।
  • ज्यादा ठंड में बाहर ना जाए।
  • टॉयलेट करने के बाद साबुन से हाथ साफ करें।

बुखार की सबसे अच्छी दवा क्या है? – Fever Tablet Name List in Hindi

घरेलू उपाय की जगह पर इंडिया में बुखार होने की सिचुएशन में लोग सबसे पहले अंग्रेजी टेबलेट का ही सेवन करते हैं, क्योंकि अंग्रेजी बुखार भगाने की दवा का सेवन करने के कारण कुछ ही देर में बुखार छूमंतर हो जाता है।

इसलिए जो लोग तुरंत ही Fever से आजादी चाहते हैं वह पेरासिटामोल, क्रोसिन अथवा एस्प्रिन जैसी टेबलेट का सेवन करते हैं। इसके अलावा Carlpaul जैसी टेबलेट भी बुखार को भगाने के लिए उपयोगी मानी जाती है। नीचे हमने बुखार को दूर भगाने के लिए इस्तेमाल में लाई जाने वाली टेबलेट के कुछ नाम दिए हैं जिसे आप बुखार होने की अवस्था में इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • पेरासिटामोल
  • क्रोसिन
  • Combliflam
  • Aspirin
  • Carlpaul
  • ibuprofen
  • Advil
  • Motrin
  • naproxen

बुखार (Fever) से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या शौच करने के बाद साबुन से हाथ ना धोने पर भी बुखार की प्रॉब्लम हो सकती है?

जी हां

बुखार होने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?

दवाई हो तो दवाई खाएं या फिर ठंडी पट्टी माथे पर रखें।

बुखार के साथ ठंडी लगने पर क्या करें?

घर में बिस्तर पर रहे और दवाइयां ले।

बुखार हो जाने पर क्या करना चाहिए?

दवाइयां ले और आराम करें।

क्या काढ़ा पीने से भी बुखार जाता है?

जी हां! काढे में एंटीबैक्टीरियल तत्व होते हैं। इसीलिए यह बुखार दूर करता है।

वायरल बुखार क्या होता है?

यह इंफेक्शन के कारण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।

क्या वायरल बुखार जानलेवा साबित हो सकता है?

जी हां

निष्कर्ष

आज के इस लेख में आपने जाना की बुखार क्या होता है? और बुखार उतारने के घरेलू उपाय? (Fever in Hindi) इस लेख को पूरा पढ़ने के बाद भी अगर आपके मन में fever ke gharelu upay को लेकर कोई सवाल उठ रहा है तो आप नीचे Comment करके पूछ सकते हैं। हमारी विशेषज्ञ टीम आपके सभी सवालों का जवाब देगी। अगर आपको लगता है कि इस लेख में कोई गलती है तो आप नीचे Comment करके हमसे बात कर सकते हैं, हम उसे तुरंत सुधारने की कोशिश करेंगे।

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