गिलोय का काढ़ा कैसे बनाएं? How to make decoction of Giloy in Hindi

आज हम जानेंगे गिलोय का काढ़ा कैसे बनाएं की पूरी जानकारी (giloy ka kadha kaise banaye) के बारे में क्योंकि कोरोनावायरस ने इंडिया में लाखों लोगों की जान ले ली है और इस वायरस से बचने के लिए डॉक्टर के हिसाब से बॉडी की इम्युनिटी पावर को मजबूत करना आवश्यक माना गया है, जिसके लिए डॉक्टर के साथ ही साथ आयुर्वेदिक योगाचार्य भी काढ़ा पीने की सलाह दे रहे हैं।

यही वजह है कि आजकल गिलोय के काढ़े की भारी मात्रा में डिमांड उत्पन्न हो गई है और इसीलिए गिलोय की कीमत भी बढ़ गई है। गिलोय का काढ़ा पीने से बॉडी की रोग प्रतिरोधक कैपेसिटी स्ट्रांग बनती है, जिससे काफी हद तक कोरोनावायरस से प्रभावित होने से इंसान बच जाता है। आज के इस लेख में जानेंगे कि giloy ka kadha kaise banaye, गिलोय का काढ़ा कैसे बनाएं, giloy in Hindi, आदि की जानकारीयां पूरा डिटेल्स में जानने को मिलेगा, इसलिये इस लेख को सुरू से अंत तक जरूर पढे़ं।

गिलोय का काढ़ा कैसे बनाएं? – How to make decoction of Giloy in Hindi

गिलोय का काढ़ा कैसे बनाएं
Giloy Ka Kadha Kaise Banaye

गिलोय का काढ़ा पीने का बेनिफिट यह है कि यह एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी होती है, इसलिए इसके किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट नहीं देखे जाते हैं। यह बॉडी में जाने के बाद इम्यूनिटी पावर को बूस्ट करती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती है, जिससे आप विभिन्न प्रकार के छोटे-मोटे इंफेक्शन से बचे रहते हैं।

यहां तक कि सर्दी, खांसी और बुखार जैसी प्रॉब्लम को दूर करने के लिए गिलोय का काढ़ा रामबाण इलाज माना जाता है। इसे अगर आप इन सिचुएशन में पीते हैं तो यह 2 से 3 दिन के अंदर ही आपको आराम दे देता है। अगर आप भी गिलोय का काढ़ा पीना चाहते हैं तो नीचे हमने आपको गिलोय का काढ़ा कैसे बनाया जाता है अथवा गिलोय का काढ़ा बनाने की विधि दी है।

गिलोय का काढ़ा बनाने की सामग्री

  • गिलोय का तना
  • 7 नीम की पत्तियों का डंठल
  • 10 तुलसी की पत्तियां
  • 20 ग्राम गुड़

गिलोय का काढ़ा बनाने की विधि – How make Giloy Kadha

नीचे जानिए गिलोय का काढ़ा बनाने का तरीका क्या है अथवा गिलोय का काढ़ा घर पर कैसे बनाएं।

1. सबसे पहले तो आपको गिलोय का तना लेना है और उसे छोटे-छोटे टुकड़े में काट लेना है और काटने के बाद आपको उसे अच्छी तरह से कुचल लेना है।

2. अब आपको एक पतीला लेना है और उस पतीले में आपको गुड, नीम और तुलसी की पत्तियों को डालना है, साथ ही आपको इसके अंदर कम से कम 4 कप पानी भी डालना है।

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3. इसके बाद आपको इसके अंदर गिलोय के काटे हुए छोटे-छोटे टुकड़े भी डाल देने हैं और इसके बाद आपको गैस चालू करनी है और पतीले को गैस पर रख देना है और इसे तकरीबन 8 से 10 मिनट तक उबलने देना है।

4. जब पतीले का पानी आधा रह जाए, तब आपको गैस बंद करके इसे उतार लेना है और फिर इसे छानकर के आपको एक गिलास में भर लेना है और फिर आपको धीरे-धीरे पी जाना है। बता दे कि गिलोय के काढ़े का मुख्य तौर पर इस्तेमाल सीजनल बुखार को दूर करने के लिए या फिर नॉर्मल बुखार को दूर करने के लिए किया जाता है। दोनों ही प्रकार के बुखार में यह कभी-कभी तो तुरंत कभी-कभी 2 से 3 दिन में अच्छा रिजल्ट देता है।

गिलोय का काढ़ा पीने के फायदे – Benefits of Drinking Giloy Juice or Kadha in Hindi

नीचे हमने आपको गिलोय का काढ़ा पीने के एडवांटेज अथवा गिलोय का काढ़ा पीने के बेनिफिट के बारे में बताया हुआ है।

  • यह रोग प्रतिरोधक कैपेसिटी को तेज करने का काम करता है।
  • विभिन्न प्रकार के छोटे-मोटे इंफेक्शन से बॉडी को बचाता है।
  • त्वचा पर कील मुंहासे और पिंपल होने से रोकता है।
  • डेंगू से बचाने का काम करता है।
  • गठिया में भी फायदेमंद है।
  • ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है।
  • चेहरे पर निखार लाता है।
  • सर्दी, जुखाम, खांसी, और बुखार को दूर करता है।

क्या गिलोय का काढ़ा कोरोनावायरस से बचा सकता है?

देखा जाए तो कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा वृद्धि लोग ही पीड़ित हो रहे हैं, जिसके पीछे वजह यह है कि वृद्ध लोगों की इम्युनिटी पावर बहुत ही कमजोर होती है और यही वजह है कि जब कोई वृद्ध व्यक्ति कोरोनावायरस से पीड़ित हो जाता है, तो उसके बचने की उम्मीद काफी कम ही होती है। बता दें कि गिलोय का काढ़ा मुख्य तौर पर बॉडी की रोग प्रतिरोधक कैपेसिटी को बढ़िया करने का काम करता है।

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इसलिए अगर आप गिलोय का काढ़ा पीते हैं, तो यह आपको कोरोना से संक्रमित होने से बचाने का काम करता है और इस बात की पुष्टि भी डॉक्टर के द्वारा हो चुकी है। इसलिए कोरोना काल में गिलोय के काढ़े की भारी मात्रा में डिमांड हुई थी। गिलोय आयुर्वेदिक जड़ी बूटी होती है, जो इम्यूनिटी बूस्ट करने के अलावा अन्य कई प्रकार से सेहत के लिए फायदेमंद होती है।

गिलोय का काढ़ा कब और कैसे पीना चाहिए?

आयुर्वेदिक दृष्टि से देखा जाए तो लंबे समय तक गिलोय का काढ़ा नहीं पीना चाहिए, क्योंकि गिलोय का काढ़ा गर्म तासीर वाला होता है। यही वजह है कि गर्मी के दिनों में इसे कम लेने की सलाह दी जाती है। ठंडी के महीने में इसका इस्तेमाल आप अपनी इच्छा के अनुसार या फिर डॉक्टर के बताए अनुसार कर सकते हैं। अगर आप इसे बुखार को दूर करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको 2 से 3 दिन में ही अच्छे रिजल्ट मिलेंगे।

निष्कर्ष

आज के इस लेख में आपने जाना की गिलोय का काढ़ा कैसे बनाएं? और गिलोय का काढ़ा बनाने की विधि? (Giloy in Hindi) इस लेख को पूरा पढ़ने के बाद भी अगर आपके मन में giloy ka kadha kaise banaye को लेकर कोई सवाल उठ रहा है तो आप नीचे Comment करके पूछ सकते हैं। हमारी विशेषज्ञ टीम आपके सभी सवालों का जवाब देगी। अगर आपको लगता है कि इस लेख में कोई गलती है तो आप नीचे Comment करके हमसे बात कर सकते हैं, हम उसे तुरंत सुधारने की कोशिश करेंगे।

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