हलासन क्या होता है? हलासन कैसे करते है? जानिए हलासन के फायदे और नुकसान से जुड़ी सभी जानकारी हिन्दी में

आज हम जानेंगे हलासन क्या है और कैसे करे पूरी जानकारी (Halasana in Hindi) के बारे में क्योंकि योगा की महिमा का जितना बखान किया जाए उतना कम है। आज के समय के लोगों को योगा के फायदे तो तब अधिक पता चले जब से हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाने लगा परंतु हमारे प्राचीन ऋषि मुनि इतने ज्यादा दूरदर्शी थे कि उन्हें पहले से ही योगा का महत्व पता था। इसलिए वह योगा प्रतिदिन करते थे और अपने आप को स्वस्थ बनाकर रखते थे।

वर्तमान के समय में भी अगर आप अपने आप को एकदम फिट रखना चाहते हैं तो आपको दैनिक तौर पर योगा का अभ्यास करना चाहिए। योगा करने से हमारी बॉडी को ऐसे अनगिनत फायदे होते हैं, जिनके बारे में शायद ही लोग जानते हो। आज के इस लेख में जानेंगे कि Halasana Kya Hota Hai, हलासन के फायदे, Halasana Yoga in Hindi, हलासन के नुकसान, हलासन कैसे करे, आदि की जानकारीयां पूरा डिटेल्स में जानने को मिलेगा, इसलिये इस लेख को सुरू से अंत तक जरूर पढे़ं।

हलासन क्या है? – What is Halasana in Hindi?

Halasana Yoga In Hindi
Halasana Yoga In Hindi

हल और आसन, यही वह 2 शब्द है जिसे आपस में जोड़ करके हलासन का निर्माण किया गया है, जो कि योगा का ही एक बहुत ही महत्वपूर्ण आसन है। इसके अलावा आपको बता दें कि इसे हलासन इसलिए भी कहा जाता है कि जब आप हलासन करना चालू करते हैं और जब आप Halasana के अंतिम स्टेज पर पहुंचते हैं तब आपकी बॉडी के आकार का जो निर्माण होता है वह बिल्कुल किसानों के द्वारा खेत में इस्तेमाल किए जाने वाले हल की तरह दिखाई देता है।

जिस प्रकार योगा के अन्य आसन करने से हमें विभिन्न प्रकार से फायदे होते हैं, उसी प्रकार अगर हम ठीक प्रकार से हलासन को करते हैं तो इसके जरिए भी हमें बॉडी से संबंधित विभिन्न प्रकार के बेनिफिट मिलते हैं। हालांकि इसमें एक आश्चर्य की बात यह है कि दूसरे योगा के आसन की तरह हलासन करना इतना आसान नहीं है। इसलिए लोगों को यह एडवाइस दी जाती है कि अगर वह हलासन कर पाने में सक्षम नहीं है, तो वह अर्ध हलासन को ट्राई कर सकते हैं।

हलासन कैसे करें? – How to do Halasana step by step in Hindi

हलासन क्या है? यह जानने के बाद अगर आपके मन में Halasana को करने की इच्छा उत्पन्न हो रही है तो आपको हलासन करने की विधि के बारे में भी जानना चाहिए, तभी आप इसे सही प्रकार से कर पाएंगे।

बता दे कि सुबह का समय हलासन करने के लिए अच्छा माना जाता है और सिर्फ हलासन ही नहीं बल्कि किसी भी प्रकार के योगा के अभ्यास को सुबह के समय ही किया जाता है। नीचे आपको हलासन करने का तरीका क्या है? इसकी जानकारी दी गई है।

Halasana Step By Step In Hindi
Halasana Step By Step In Hindi

1. हलासन करने के लिए सबसे पहले अपने घर की छत पर चले जाएं। अब एक चटाई को जमीन पर बिछा दें। अब उस चटाई पर आपको ऐसे लेटना है कि आपका जो पीठ का हिस्सा है, वह नीचे की तरफ हो।

2. अब आपको अपने दोनों पैरों को आपस में सटा लेना है।

3. अब आपको अपने दोनों हाथों को अपने पैरों के नीचे थोड़ी दूरी पर आगे कर लेना है।

4. अब आपको धीरे-धीरे अपने दोनों पैरों को उठाना है और दोनों पैरों को आप को एक साथ सटा करके आपका जहां सर है उसके थोड़ा सा पीछे लाना है अर्थात आपको अपने दोनों पैरों को आगे से उठा कर के अपने सर के पीछे वाली जमीन पर टच करना है। इस दरमियान आपको हल्की-हल्की सांस अंदर बाहर भी करनी है।

5. जब आपके दोनों पैर आपके शरीर के पीछे वाली जमीन पर टच करने लगे तो आपको इतने पर ही अपने आप को रोक लेना है और हल्की हल्की सांस लेनी है। इस दरमियान आपकी बॉडी का आकार बिल्कुल हल की तरह दिखाई देगा।

6. आप चाहे तो एक बार में 5 मिनट तक का अभ्यास कर सकते हैं और उसके बाद आप फिर से नॉर्मल मुद्रा में आ सकते हैं और कुछ मिनट का ब्रेक लेने के बाद आप फिर से हलासन कर सकते हैं।

हलासन के फायदे – Benefits of Halasana

भारतीय योग ग्रंथ में हलासन की कई महिमा बताई गई है। इसके फायदे कौन-कौन से होते हैं। यह आप नीचे जानेंगे।

1. बढ़ा हुआ वजन परेशानी का कारण बन सकता है परंतु आप इस परेशानी को Halasana करके दूर कर सकते हैं। यह सीधा आपके पेट के आसपास में जो एक्स्ट्रा चर्बी जम चुकी है उस पर अटैक करता है और उसे गलाने का काम करता है और इस प्रकार आपका वजन कम होता ही है, साथ ही आपका वजन भी नहीं बढ़ता है।

2. जब आप इस आसन को करते हैं तो हमारे सर के एरिया में ब्लड सरकुलेशन अच्छी तरह से होने लगता है और इसके कारण हमारे सर के बालों को मजबूती मिलती है, क्योंकि जब ब्लड सरकुलेशन सर के आसपास के एरिया में अच्छा होता है, तो पौष्टिक तत्वो की पहुंच बालों तक होती है। इसके कारण वह बढ़ते हैं।

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3. इस बात का कोई साइंटिफिक प्रमाण तो नहीं है परंतु कुछ लोगों ने हलासन को करने के बाद यह महसूस किया है कि उनके चेहरे की ब्राइटनेस बढ़ गई है और उनके चेहरे पर एक अलग ही प्रकार का तेज आ गया है।

4. उस व्यक्ति की बॉडी सबसे ज्यादा कमजोर होती है जिसे कब्ज जैसी समस्या की शिकायत होती है, क्योंकि कब्ज की समस्या में हमारे खाने का पाचन सही से नहीं होता है ना हीं खाने में से मिलने वाले पोषक तत्व हमारी बॉडी को लगते हैं परंतु क्या आप जानते हैं कि, कब्ज की समस्या से निजात पाने के लिए आप हलासन कर सकते हैं। यह इस समस्या से राहत देता है।

5. डायबिटीज की समस्या को कंट्रोल करने के लिए भी व्यक्ति चाहे तो हलासन कर सकता है। इसके अलावा बवासीर और गले की बीमारी तथा सर दर्द में भी यह बेनिफिट हमें देता है।

हलासन के नुकसान – Disadvantages of Halasana

हमने आपको ऊपर ही यह बताया है कि इस आसन में आपके बॉडी की आकृति बिल्कुल हल की तरह बन जाती है। इस प्रकार अगर आपको हड्डियों से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या है या फिर आपको रीड की हड्डी से संबंधित कोई प्रॉब्लम है तो आपको यह आसन नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से आपको दर्द महसूस हो सकता है या फिर आपको कोई गंभीर समस्या भी हो सकती है।

1. ऐसे लोग भी इस आसन को बिल्कुल ना करें जो हाई ब्लड प्रेशर की समस्या का सामना कर रहे हैं, क्योंकि अगर वह इस आसन को करते हैं तो उनमें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या और भी ज्यादा बढ़ सकती है।

2. कमर दर्द भी एक ऐसी अवस्था है जिसमें हलासन करने के लिए मना किया जाता है, क्योंकि इसमें हल की आकृति बनती है और इसीलिए अगर आप इसे करते हैं तो यह आपके कमर दर्द को और भी ज्यादा बढ़ा देगा।

3. अगर किसी महिला के पेट में बच्चा है या फिर उसकी प्रेगनेंसी की डेट नजदीक आ गई है तो उसे इसे बिल्कुल ट्राई नहीं करना चाहिए। हालांकि प्रेगनेंसी हो जाने के बाद वह इसे प्रेगनेंसी के 1 से 3 महीने के बाद कर सकती हैं।

4. अगर आपको पेट में गैस की समस्या होती है तो आपको इसे नहीं करना चाहिए, क्योंकि इस आसन को करने पर आपके पेट पर दबाव पड़ता है।

हलासन में शरीर की संरचना कैसे बनती है?

हमने आपको ऊपर ही इस बात की जानकारी दी है कि हलासन दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है किसानों का हल और आसन। इस प्रकार जब कोई व्यक्ति हलासन योगा का अभ्यास करता है तो उसके बॉडी का पोस्चर कुछ इस प्रकार से दिखाई देता है जैसे किसानों का हल। इसीलिए इसे हलासन नाम दिया गया है। Halasana में हमारे दोनों पैर आगे से उठ करके हमारे सर के पीछे वाली जमीन को टच करते हैं।

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इस आसन को वो लोग आसानी से कर लेते हैं जिनका शरीर लचीला है और जो लोग कभी योगा का अभ्यास नहीं किए है या फिर योगा से संबंधित किसी भी प्रकार के आसन को नहीं किए हैं, उन्हें पहली बार में हलासन करने में समस्याएं पैदा हो सकती हैं। क्योंकि उनकी शरीर इतनी लचीली नहीं होती है जितना कि इस आसन को करने के लिए चाहिए होती है। हालाकि धीरे-धीरे अभ्यास करने से कोई भी व्यक्ति आसानी से Halasana को कर सकता है अथवा सीख सकता है।

हलासन कितनी देर तक करना चाहिए?

अगर आप ऐसी महिला या फिर पुरुष हैं जो पहली बार Halasana को कर रहे हैं तो स्टार्टिंग में आपको हलासन को 1 से 2 मिनट के लिए ही करना चाहिए और उसके बाद आपको 2 से 3 मिनट का ब्रेक लेना चाहिए। इसके बाद आपको फिर से हलासन करना चाहिए और इस बार आप की अवधि 1 से लेकर 3 मिनट की होगी। इसके बाद फिर से आपको ब्रेक लेना चाहिए।

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इस प्रकार आपको स्टार्टिंग में अधिक से अधिक 3 मिनट तक ही हलासन करना चाहिए, वही जो लोग काफी लंबे समय से हलासन कर रहे हैं वह अपनी सुविधा के अनुसार इस शासन को कर सकते हैं, क्योंकि लंबे समय से इस आसन को करने के कारण उन्हें इसका एक्सपीरियंस हो जाता है। इसलिए वह अधिक देर तक Halasana को कर सकते हैं।

हलासन कब करना चाहिए?

हलासन एक ऐसा योगा अभ्यास है जिसमें आपके पेट पर प्रेशर पड़ता है। इसलिए आयुर्वेद के नजरिए से देखा जाए तो खाली पेट इसे करना अति उत्तम बताया गया है।

इसके अलावा इसे करने का सही टाइम सुबह का समय होता है क्योंकि सुबह के समय में वातावरण काफी ज्यादा शांत होता है। इसलिए आप आसानी से इस आसन में अपना पूरा ध्यान लगा सकते हैं।

हालांकि अगर किसी कारणवश आपको सुबह के समय में इस आसन को करने का समय नहीं मिल पाता है तो आप शाम के समय में भी इस आसन को ऐसी जगह पर कर सकते हैं, जहां पर शांति हो। इसके लिए आप किसी गार्डन में जा सकते हैं या फिर इसे अपने छत के ऊपर भी कर सकते हैं।

हलासन कहां करना चाहिए?

हलासन को आपको खुली जगह में करना चाहिए। यह खुली जगह आपके घर की छत भी हो सकती है या फिर आपके घर के आसपास स्थित कोई ऐसा गार्डन भी हो सकता है जहां पर हरियाली हो।

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इसके अलावा अगर आपके पास ठीक-ठाक बजट है तो आप Halasana करने के लिए योगा क्लास भी ज्वाइन कर सकते हैं, क्योंकि आजकल शहरों में जिस प्रकार कसरत करने के लिए जिम सेंटर ओपन हुए हैं उसी प्रकार योगा करने के लिए योगा सेंटर भी ओपन हुए हैं।

हलासन से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हल आसन की स्थिति Position कैसे होती है?

जब कोई भी व्यक्ति हलासन को करता है तो उसकी बॉडी की स्थिति किसानों के हल की तरह दिखाई देती है।

हलासन के बाद कौन सा आसन करना चाहिए?

भुजंगासन अथवा वज्रासन

हलासन कौन सा होता है?

जिस आसन में हमारी बॉडी की संरचना हल की तरह दिखाई देती है वही हलासन होता है।

हलासन कितने मिनट तक करना चाहिए?

5 मिनट से 10 मिनट

कब्ज दूर करने के लिए योग कौन सा है?

हलासन

निष्कर्ष

आज के इस लेख में आपने जाना की हलासन क्या होता है? और हलासन कैसे करते है? (Halasana in Hindi) इस लेख को पूरा पढ़ने के बाद भी अगर आपके मन में Halasana Ke Fayde aur Nuksan को लेकर कोई सवाल उठ रहा है तो आप नीचे Comment करके पूछ सकते हैं। हमारी विशेषज्ञ टीम आपके सभी सवालों का जवाब देगी।

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