मैदा क्या होता है? मैदा कैसे बनाया जाता है? जानिए Maida Kaise Banta Hai से जुड़ी सभी जानकारी हिंदी में

आज हम जानेंगे मैदा कैसे बनता है पूरी जानकारी (How is Maida made in Hindi) के बारे में क्योंकि छोले, भटूरे, ब्रेड और समोसा, कचोरी जैसी चीजें खाना हमें काफी ज्यादा पसंद होता है क्योंकि यह चीजें खाने में काफी ज्यादा चटपटी होती है। आपने अक्सर सुना होगा कि हमें अपने सेहत को स्वस्थ्य रखने के लिए ज्यादा मात्रा में तेल मसाले वाली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि तेल मसाले वाली चीजों में काफी ज्यादा मात्रा में तेल और तीखापन होता है और इसीलिए यह हमारे सेहत के लिए फायदेमंद नहीं माना जाता है।

इसके अलावा इनमें से अधिकतर चीजें मैदा से बनी हुई होती हैं और मैदा का भी अधिक मात्रा में सेवन करना हमारी सेहत के लिए सही नहीं होता है। आज के इस लेख में जानेंगे कि Maida Kaise Banta Hai, मैदा बनाने के लिए क्या करे, Maida Kaise Banaye, मैदा बनाने का तरीका, Maida Ke Fayde, Maida Ke Nuksan, आदि की सारी जानकारीयां विस्तार में जानने को मिलेंगी, इसलिये पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढे़ं।

मैदा क्या है? – What is Fine flour in Hindi

Maida Kaise Banta Hai
Maida Kaise Banta Hai

मैदे को इंडियन कॉन्टिनेंट का एक सफेद आटा कहा जाता है जिसका निर्माण गेहूं को काफी बारीकी से पीस करके किया जाता है। जब मैदा बनकर तैयार हो जाता है तब यह छूने में बिल्कुल पाउडर जैसा लगता है। मैदे का इस्तेमाल करके ही कई स्वादिष्ट चीजें बनाई जाती है। आप जिन स्वादिष्ट चीजों का सेवन दैनिक तौर पर करते हैं, उनका निर्माण भी मैदे के द्वारा ही होता है। पहले पारंपरिक तरीके से मैदा बनाया जाता था परंतु अब मशीनों का इस्तेमाल करके मैदा बनाया जाता है।

मैदा कैसे बनता है? – How is Maida made in Hindi

मैदा से बनी हुई चीज हम अक्सर अपने दैनिक जीवन में खाते ही रहते हैं। आप जो समोसा खाते हैं अथवा पकौड़ी खाते हैं या फिर छोला भटूरा खाते हैं वह सभी चीजें मैदे से ही बनी हुई होती हैं। इसके अलावा भी ऐसी कई चीजें हैं जो मैदे से ही बनाई जाती है फिलहाल तो इस मुद्दे पर काफी बात हो गई कि आखिर मैंदे से कौन-कौन सी चीजें बनती है।

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कई लोग यह जानने में इंटरेस्टेड रहते हैं कि आखिर मैदा खुद कैसे बनता है क्योंकि उन्हें यही बताया जाता है कि मैदा पहले से ही बना हुआ होता है परंतु हम आपको बता दें कि मैदा भी बनाया जाता है और इसके लिए गेहूं का सहारा लिया जाता है।

1. पारंपरिक तरीके से मैदा कैसे बनता है?

मैदा गेहूं से बनता है। इसीलिए हम पारंपरिक तरीके से मैदा बनाने के लिए तकरीबन 5 किलो गेहूं लेंगे। 5 किलो गेहूं लेने के बाद उसे हम एक बाल्टी में डाल देंगे और उसके ऊपर हम पूरा पानी भर देंगे। इस बाल्टी में आपको गेहूं सिर्फ 3 घंटे से लेकर के 4 घंटे तक ही रखना है। इसके बाद आप गेहूं को पानी से बाहर निकाल लेंगे।

इसके बाद गेहूं को एक अलग बर्तन में रख देंगे और उसे किसी चीज से ढक देंगे। ऐसा करने पर इसके ऊपर का छिलका निकल जाएगा। इसके बाद आपको इसे धूप में सुखाने के लिए रख देना है। गेहूं सूख जाने के बाद आपका गेहूं पीसने के लिए तैयार है। अगर आपके घर में आटा चक्की है तो आप गेहूं को घर में ही पीस सकते हैं अथवा आप मार्केट में आटा पीसने वाली मशीन में भी इसे पिसवा सकते हैं। इस प्रकार से पारंपरिक तरीके से आपका मैदा तैयार हो जाएगा।

2. फैक्ट्री में मैदा कैसे बनता है?

काफी कम लोगों को इस बात की इंफॉर्मेशन है कि गेहूं का इस्तेमाल करके ही मैदा बनाया जाता है। यानी कि मैदा का रो मटेरियल गेहूं ही होता है। गेहूं से मैदा बनाने के अलावा गेहूं से आटा भी बनता है जिसकी बाद में रोटी बनती है। आपको बता दें कि, गेहूं से मैदा का निर्माण करने के लिए अलग प्रकार की मिल होती है जिसे मैदा मिल कहा जाता है।

फैक्ट्री में गेहूं से मैदा का निर्माण करने के लिए सबसे पहले गेहूं को अच्छी तरह से साफ किया जाता है। फैक्ट्री में गेहूं को साफ करने के लिए कंप्यूटरीकृत प्रक्रिया का पालन किया जाता है। गेहूं को साफ करने के बाद उसे एक बड़े बर्तन में भिगोने के लिए रख दिया जाता है और इसके बाद तकरीबन 7 से 10 घंटे तक वह गेहूं उसी पानी से डूबे हुए बर्तन में रहता है।

इसके बाद सभी गेहूं को बाहर निकाल दिया जाता है और फिर उन्हें धूप में सुखाने के लिए रख दिया जाता है। इसके बाद जब गेहूं सूख जाता है तो सबसे पहले मैदा मिल के अंदर गेहूं की ऊपरी परत को निकाला जाता है। आपको बता दें कि गेहूं में जो भी पोषक तत्व मौजूद होते हैं वह इसकी ऊपरी परत में ही होते हैं।

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इस प्रकार मैदे में से अधिक पोषक तत्व ऊपरी परत को निकालने के कारण निकल जाते हैं। ऊपरी परत निकालने के बाद सिर्फ गेहूं के बीच वाला हिस्सा ही बाकी रह जाता है। जब ऊपरी परत को निकाला जाता है तब गेहूं छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाता है। इसमें से जो भूसी होती है उसे निकालकर के अलग कर दिया जाता है।

इसके बाद बचे हुए गेहूं को बड़ी-बड़ी मशीनों में अच्छी तरह से पीसा जाता है। पीसने की यह प्रक्रिया तकरीबन तीन से चार बार दोहराई जाती है ताकि मैदा एकदम महीन हो जाए। पीसने की प्रक्रिया जब पूरी हो जाती है तो जो पाउडर निकलता है उसे ही मैदा कहा जाता है। इसके बाद मैदा को पैक कर के बाजार में बेचने के लिए भेज दिया जाता है।

मैदा खाने के नुकसान – Disadvantages of eating Maida

आपकी इंफॉर्मेशन के लिए बता दें कि, सफेद जहर के तौर पर भी मैंदे को जाना जाता है। इसीलिए बड़े बुजुर्ग अधिक मात्रा में मैदे का सेवन करने के लिए मना करते हैं परंतु फिर भी मैंदे के द्वारा ही ऐसी कई चीजें बनती हैं, जिन्हें खाने से हम अपने आप को रोक नहीं पाते हैं।इसीलिए कहीं ना कहीं मैदा इंसानों की बॉडी में जाता ही है। यहां पर हम आपको मैदा खाने से कौन से नुकसान होते हैं, इसके बारे में कुछ बातें बता रहे हैं।

  • मैदे का अधिक मात्रा में सेवन करने से इंसान को कोलेस्ट्रॉल की समस्या पैदा हो सकती है, क्योंकि मैदे में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो कोलेस्ट्रोल के लेवल को बढ़ाने का काम करते हैं।
  • ज्यादा मात्रा में मैदे का सेवन करने से यह आपकी खून की नलिका में से शुगर को अधिक मात्रा में बाहर निकालता है, जिसके कारण व्यक्ति को डायबिटीज होने की संभावना भी काफी ज्यादा होती है।
  • जब मशीनों में मैदे को पिसा जाता है, तब इसमें से काफी पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं और इसी के कारण मैदे की तासीर एसिडिटीक हो जाती है। रिसर्च में यह बात सामने आई है कि पिज्जा और पास्ता तथा बर्गर जैसी चीजें एसिडिटीक संतुलन को बनाकर रखने के लिए इंसानों की बॉडी में मौजूद कैल्शियम को अवशोषित कर लेती हैं जिसके कारण इंसानों की बॉडी की हड्डियां कमजोर हो जाती है।
  • आज के टाइम में लोग मोटा अनाज खाना कम पसंद करते हैं बल्कि वह उसकी जगह पर पास्ता, ब्रेड, समोसा, कचोरी जैसी चीजें खाना पसंद करते हैं जो कि मैदे के द्वारा ही बनाई जाती है और जब कोई व्यक्ति अधिक मात्रा में इन चीजों का सेवन करता है तो यह बॉडी में जाकर के आंतो में चिपक जाती हैं।
  • मैदे के अंदर फाइबर की मात्रा मौजूद नहीं होती है और इसीलिए व्यक्ति का डाइजेस्टिव सिस्टम काफी कमजोर पड़ जाता है और खाने का पाचन धीरे-धीरे होने लगता है जिसके कारण व्यक्ति की बॉडी में अपच की प्रॉब्लम पैदा होने लगती है। इसके अलावा उसे माइग्रेन, सिरदर्द, टेंशन और मोटापे की समस्या भी होने लगती है।
  • कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि हाइब्रिड गेहूं में ग्लूटेन की ज्यादा मात्रा पाई जाती है जो व्यक्ति की बॉडी में एलर्जी का कारण बनती है। इस प्रकार अगर आप गेहूं से बने हुए मैदे का सेवन करते हैं अथवा मैदे से बनी हुई किसी भी चीज का अधिक मात्रा में सेवन करते हैं तो आपको छोटी मोटी एलर्जी का सामना भी करना पड़ सकता है।

मैदा खाने के फायदे – Benefits of eating Maida

आपको बता दें कि, मैदा डायरेक्ट खाने से आपको कोई भी फायदा नहीं होता है। हां अगर आप अपनी जीभ का स्वाद बढ़ाना चाहते हैं तो आप मैदे से बनी हुई चीज का सेवन कर सकते हैं। मैदे के द्वारा ही पास्ता बर्गर पिज़्ज़ा ब्रेड समोसा नूडल्स मोमोज जैसी चीजें बनाई जाती हैं।

इसलिए आप इन सभी चीजों को खा करके अपनी जीभ का टेस्ट बढ़ा सकते हैं और अगर फायदे की बात की जाए तो मैदा खाने से आपको स्वास्थ्य से संबंधित कोई भी फायदा नहीं होता है।

मैदा से कौन सी चीजें बनती है?

  • मैदा की पकोड़ी
  • मैदा की कचोरी समोसे
  • मैदा का डोसा
  • मैदा के छोले भटूरे
  • मैदा की चिप्स
  • मैदा का केक
  • मैदा की पताशी
  • मैदा के मोमोज़
  • मैदा की नान
  • मैदा की बिस्किट्स

Maida Kaise Banta Hai से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मैदे को कैसे पचाएं?

अगर आप थोड़ी मात्रा में मैदे से बनी हुई चीज का सेवन करते हैं तो कोई बात नहीं है परंतु अगर आप ज्यादा मात्रा में मैदे से बनी हुई चीज का सेवन करते हैं तो उसे पचाने के लिए आपको किसी पाचक गोली या फिर लिवर टॉनिक अथवा आयुर्वेदिक चूर्ण का इस्तेमाल करना चाहिए।

मैदा कितने दिनों में खराब होता है?

इसकी कोई भी एक्सपायरी डेट नहीं है, हालांकि फिर भी आपको समय-समय पर इसे धूप में रखना चाहिए। अगर मैंदे के अंदर पानी पड़ जाता है और आप उसे धूप में नहीं रखते हैं तो मैदा खराब हो सकता है।

मैदा में कौन सा प्रोटीन पाया जाता है?

मैदा में ग्लूटेन नाम का प्रोटीन पाया जाता है।

निष्कर्ष

आज के इस लेख में आपने जाना की मैदा क्या होता है? और मैदा कैसे बनाया जाता है? (How is Maida made in Hindi) इस लेख को पूरा पढ़ने के बाद भी अगर आपके मन में Maida Ke Fayde को लेकर कोई सवाल उठ रहा है तो आप नीचे Comment करके पूछ सकते हैं। हमारी विशेषज्ञ टीम आपके सभी सवालों का जवाब देगी। अगर आपको लगता है कि इस लेख में कोई गलती है तो आप नीचे Comment करके हमसे बात कर सकते हैं, हम उसे तुरंत सुधारने की कोशिश करेंगे।

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