मेडिटेशन क्या होता है? मेडिटेशन कैसे करें? मेडिटेशन करने के फायदे, नुकसान और प्रकार से जुड़ी जानकारी हिन्दी में

आज हम जानेंगे मेडिटेशन कैसे करे पूरी जानकारी (How To do Meditation In Hindi) के बारे में क्योंकि बड़े बुजुर्गों ने एक कहावत कही है कि इंसान को सबसे ज्यादा अपनी बॉडी पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि बॉडी ही वह चीज होती है जो मरते दम तक उसके साथ रहती है और देखा जाए तो इस बात में कोई भी दो राय नहीं है कि बड़े बुजुर्गों की यह बात बिल्कुल सच है कि हमारी बॉडी ही जिंदगी भर हमारे साथ रहती है। इसीलिए हमारा यह परम कर्तव्य बनता है कि हम अपनी बॉडी का ख्याल रखें।

यहां बॉडी का ख्याल रखने से हमारा मतलब है कि हम ऐसी चीजों का सेवन करें जिससे हम कभी बीमार ना पड़े साथ ही हम मानसिक तौर पर भी स्वस्थ रहें। मानसिक तौर पर स्वस्थ रहने के लिए मेडिटेशन करना काफी फायदेमंद माना जाता है। आज के इस लेख में जानेंगे कि Meditation Kya Hai, मेडिटेशन के फायदे, मेडिटेशन के नुकसान, Meditation in Hindi, Meditation meaning in Hindi, आदि की जानकारीयां पूरा डिटेल्स में जानने को मिलेगा, इसलिये इस लेख को सुरू से अंत तक जरूर पढे़ं।

मेडिटेशन क्या है? – What is Meditation in Hindi?

Meditation In Hindi
Meditation In Hindi

अगर आप यह सोच रहे हैं कि मेडिटेशन कोई बड़ी चीज है तो आपको बता दें कि Meditation का हिंदी में अर्थ होता है ध्यान लगाना या फिर अपना ध्यान केंद्रित करना। अक्सर कई लोगों को विभिन्न प्रकार की टेंशन होती है और जब किसी व्यक्ति को टेंशन होती है तो उसका सबसे ज्यादा बुरा इफेक्ट उसके दिमाग पर और उसके मन पर पड़ता है।

ऐसे में अगर व्यक्ति मेडिटेशन करता है तो उसे अपनी इस समस्या से कुछ ही देर के अंदर छुटकारा मिल जाता है, क्योंकि जब व्यक्ति मेडिटेशन करता है तो इसका सीधा इफेक्ट उसके दिमाग पर पड़ता है, जिसके कारण दिमाग शांत होता है और कुछ देर के लिए हम अपनी सारी टेंशन भूल जाते हैं।

मेडिटेशन कैसे करें? – How to do Meditation in Hindi?

आजकल तो Meditation करने के लिए क्लास भी चालू हो गई है। ऐसे में आप चाहें तो क्लास ज्वाइन करके मेडिटेशन कर सकते हैं परंतु अगर आप बिना पैसे खर्च किए हुए और बिना क्लास ज्वाइन किए हुए मेडिटेशन सीखना चाहते हैं तो हम आपको मेडिटेशन कैसे करते हैं, इसकी भी जानकारी देंगे।

1. मेडिटेशन करने के लिए ऐसी जगह ढूंढे, जहां शांति हो

अब यह जाहिर सी बात है कि अगर हमें ध्यान लगाना है तो हमें ऐसी ही जगह की आवश्यकता पड़ेगी जहां पर ज्यादा शोर शराबा ना हो क्योंकि शोर-शराबे वाली जगह पर कोई भी व्यक्ति अपना ध्यान नहीं लगा सकता है। इस प्रकार मैडिटेशन को चालू करने के लिए आपको सबसे पहले तो ऐसी जगह को ढूंढना है, जहां पर आप बिना शोर-शराबे के आसानी से ध्यान लगा सके।

हमारी सलाह के अनुसार आपको सुबह के समय में मेडिटेशन अपने छत पर करना चाहिए क्योंकि सुबह के समय शोर-शराबा काफी कम होता है, साथ ही वातावरण भी काफी अच्छा होता है, तो इस प्रकार आप अपने छत पर सुबह के समय में कालीन बिछा कर के Meditation चालू कर सकते हैं।

2. मेडिटेशन करने के लिए बिल्कुल सीधा बैठे

कुछ लोग जब मेडिटेशन करते हैं, तब वह एकदम झुक कर बैठते हैं जो कि काफी गलत बात है, क्योंकि ऐसा करने पर आपको रीड की हड्डी में दर्द हो सकता है। इसलिए जब कभी भी आप Meditation करने के लिए बैठे तब आपको इस प्रकार से बैठना है कि आपकी रीड की हड्डी बिल्कुल सीधी हो यानी कि आपको एकदम सीधा बैठना है।

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इसके बाद आपको वज्रासन में बैठ जाना है। वज्रासन का मतलब होता है आपको अपने दोनों पैरों को अल्टी पलटी मार कर के बैठ जाना है। अगर आपको वज्रासन में बैठने में कुछ प्रॉब्लम होती है तो आपको कुर्सी का इस्तेमाल भी कर लेना चाहिए। कुल मिलाकर आप जिस अवस्था में कंफर्टेबल हो, आपको उसी अवस्था में बैठना चाहिए।

3. अपनी बॉडी को आराम दें

योगा एक्सपर्ट के अनुसार ऐसा कहा गया है कि मेडिटेशन को चालू करने से पहले हमें अपनी बॉडी को इस प्रकार से कर लेना चाहिए ताकि हमें किसी भी प्रकार से यह महसूस ना हो कि हम अपनी बॉडी पर जोर जबरदस्ती कर रहे हैं। यानी कि योगा एक्सपर्ट यह कहना चाहते हैं कि Meditation को करने से पहले आपको अपनी बॉडी को आराम दायक बना लेना है, ताकि मेडिटेशन स्टार्ट करने के बाद आपको अड़चन ना पैदा हो।

4. मेडिटेशन करने के लिए अपना ध्यान लगाएं

अपनी बॉडी को आराम की अवस्था में कर लेने के बाद बारी आती है ध्यान लगाने की। बता दे की आप ध्यान लगाने के लिए किसी ऐसी चीज के बारे में सोचें, जिसे सोचने पर आपको अच्छा महसूस होता हो। अगर आप किसी ऐसी चीज के बारे में नहीं जानते हैं जिसकी कल्पना आपको अपने मन में ध्यान रखने के लिए करनी है तो आप किसी भी प्रकार के मंत्रों का जाप कर सकते हैं।

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मंत्रों का जाप करने से आपको पॉजिटिविटी भी महसूस होगी और आप अपना ध्यान भी लगा पाएंगे। मंत्रों के जाप के अलावा आप किसी भी स्पेशल वस्तु, किसी भी कलर या फिर आकार के बारे में सोच सकते हैं। कुल मिलाकर आपको उस चीज के बारे में सोचना है जिसे आप पाना चाहते हैं या फिर जिसके बारे में सोचने पर आपको खुशी महसूस होती हो।

जब आप ध्यान लगाना चालू कर दे तब आपको स्टार्टिंग में 2 से 3 मिनट तक ध्यान लगाना है और उसके बाद अपनी आंखें खोल लेनी है। उसके बाद आपको फिर से ध्यान लगाना है। इस बार ध्यान लगाने की अवधि 5 मिनट की होगी।

5. मेडिटेशन करने के लिए पॉजिटिविटी क्रिएट करें

कई लोगों को उस टाइम समस्या होती है जब वह पहली बार मेडिटेशन करने का प्रयास करते हैं। हालांकि यह ज्यादा मुश्किल नहीं होता है। आप थोड़ा सा प्रयास करने के बाद पहली बार में ही मेडिटेशन कैसे करते हैं यह सीख जाएंगे। जब आप Meditation कर रहे हो तब आपको अपने ऊपर नेगेटिविटी हावी नहीं होने देना है बल्कि आपको मन ही मन पॉजिटिव चीजों के बारे में सोचना है।

ऐसा करने पर आपके मन में पॉजिटिव विचार आएंगे और मेडिटेशन तभी संपूर्ण माना जाता है जब व्यक्ति पॉजिटिव खयालों में खो जाता है। अगर Meditation करते समय आपका मन यहां वहां भटकने लगता है, तो कुछ देर आपको अपनी आंखें खोल लेनी चाहिए, उसके बाद फिर से मेडिटेशन करना चाहिए।

मेडिटेशन करने के फायदे – Benefits of Meditation in Hindi

मुख्य तौर पर ऐसे ही लोग ज्यादा मेडिटेशन करते हैं जो किसी भी प्रकार के मानसिक टेंशन का सामना करते होते हैं परंतु बता दे कि मेडिटेशन के फायदे या फिर Meditation के एडवांटेज सिर्फ यही तक ही सीमित नहीं है। इसके कई अन्य बेनिफिट्स भी इंसानों को मिलते हैं।

1. मेडिटेशन के फायदे टेंशन दूर करने मे

जब आप मेडिटेशन करना चालू करते हैं तो उससे आपका दिमाग धीरे धीरे शांत हो जाता है और जो भी उलझने आपके दिमाग में चल रही होती हैं वह भी कुछ पल के लिए चली जाती है और जब हमारे दिमाग से फालतू की उलझने और फालतू की बातें चली जाती हैं, साथ ही हमारा दिमाग शांत होता है तो इससे टेंशन भी दूर हो जाता है।

2. चिंता को कंट्रोल करता है मेडिटेशन

जिन लोगों को ज्यादा घबराहट होती है उन्हें Meditation अवश्य करना चाहिए क्योंकि मेडिटेशन जब ऐसे लोग करते हैं जिन्हें ज्यादा घबराहट होती है तो मेडिटेशन के कारण चिंता पैदा करने वाले लक्षण कम होते हैं। इससे मन शांत होता है और चिंता भी हट जाती है।

3. मेडिटेशन आत्म जागरूकता बढाए

ऐसे लोगों के लिए भी मेडिटेशन करना बेनिफिशियल है, जिनमें आत्म जागरूकता की कमी है क्योंकि जब वह मेडिटेशन करते हैं तो उनकी समझ धीरे-धीरे काफी अच्छी बन जाती है और इसी की वजह से उनकी आत्म जागरूकता भी बढ़ती है।

4. अच्छी नींद लाने में मेडिटेशन के फायदे

अच्छी नींद एक अनमोल खजाने के समान होती है परंतु कुछ लोगों को अच्छी नींद नहीं आती है जिसके पीछे कुछ व्यक्तिगत कारण होते हैं परंतु एक बात तो तय है कि अगर मेडिटेशन कोई व्यक्ति करता है तो इससे उसे अच्छी नींद आती है क्योंकि यह आपकी चिंता को हटा देता है और जब मन में किसी भी प्रकार की चिंता नहीं रहती है तो हमें जल्दी से अच्छी नींद आ जाती है।

5. बुरी आदतों को छोड़ने में मेडिटेशन के फायदे

हमने आपको ऊपर बताया कि मैडिटेशन करने से हमारे मन में पॉजिटिव विचारों की उत्पत्ति अधिक मात्रा में होती है और जब पॉजिटिव विचार हमारे मन में पैदा होते हैं, तो हमारा ध्यान बुरी आदतों को अपनाने के पीछे नहीं भागता है। इस प्रकार हम बुरी आदतों से बचे रहते हैं।

मेडिटेशन करने के नुकसान – Disadvantages of Meditation in Hindi

सही प्रकार से और सही विधि से अगर मेडिटेशन की प्रक्रिया की जाती है, तो इससे हमें फायदे ही फायदे प्राप्त होते हैं परंतु कुछ ऐसी गलतियां हैं, जो लोग अगर करते हैं तो उन्हें Meditation के साइड इफेक्ट भी देखने को मिल सकते हैं। मेडिटेशन करने के लिए आपको एक समय को तय करना चाहिए और आपको उसी समय मेडिटेशन करना चाहिए ताकि आप अपने जरूरी काम को बचे हुए समय में कर सकें।

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इसके अलावा आपको Meditation करने के पहले अपनी बॉडी को आराम की अवस्था में ले जाना चाहिए। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको शारीरिक दिक्कत हो सकती है। अगर आप झुक करके मेडिटेशन करते हैं, तो इससे आपकी रीढ़ की हड्डियों में दर्द पैदा हो सकता है।

मेडिटेशन के प्रकार – Types of Meditation in Hindi

क्या आप जानते हैं कि मेडिटेशन सिर्फ एक ही टाइप का नहीं होता है बल्कि यह टोटल 5 प्रकार के होते हैं। आइए इन सभी पांच प्रकार के बारे में जानकारी हासिल करते हैं।

1. डीप मेडिटेशन : अंग्रेजी भाषा में डीप का मतलब होता है गहरा। जब कोई व्यक्ति डीप मेडिटेशन करता है तो वह ध्यान लगाने की सबसे आखरी मुद्रा में पहुंच जाता है। आमतौर पर यह मेडिटेशन बहुत ही शांत जगह पर किया जाता है क्योंकि शांत जगह पर ही इस प्रकार के Meditation में आदमी अपना पूरा ध्यान लगा पाता है।

2. थर्ड आई मेडिटेशन : देखा जाए तो इस प्रकार का मेडिटेशन ऋषि मुनि लोग ज्यादा करते हैं जब कोई व्यक्ति थर्ड आई मेडिटेशन करता है तो वह अपनी दोनों भौहो के बीच में स्थित जगह पर अपना पूरा ध्यान लगाता है। इसे कुछ इस प्रकार से समझे कि जहां पर शंकर भगवान की तीसरी आंख होती है उसी जगह को आधार मानकर के थर्ड आई Meditation किया जाता है।

3. माइंडफूलनेस मेडिटेशन : मुख्य तौर पर इस प्रकार के मेडिटेशन में आदमी अपने सांसो की गति पर अपना सारा ध्यान लगाता है। यह Meditation ऐसे लोगों के द्वारा ज्यादा किया जाता है जो अपनी एकाग्रता को बढ़ाना चाहते हैं।

4. ओम शांति मेडिटेशन : टेंशन को दूर करने के लिए इस प्रकार का मेडिटेशन अधिकतर लोगों के द्वारा किया जाता है। इस प्रकार के Meditation में व्यक्ति को किसी एक ही चीज को लगातार देखना होता है। इसे त्राटक भी कह सकते हैं।

5. मंत्र मेडिटेशन : इस प्रकार के मेडिटेशन में अलग-अलग धर्मों के लोग अपने अपने धर्म के हिसाब से मंत्रों का मन ही मन जाप करते हैं। इससे उनके मन में पॉजिटिव विचार उत्पन्न होते हैं और उन्हें काफी शांति का अनुभव होता है।

मेडिटेशन के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेडिटेशन कितनी देर तक करना चाहिए?

अगर आप मेडिटेशन की स्टार्टिंग कर रहे हैं तो आपको शुरुआत में 2 से 3 मिनट तक मेडिटेशन करना चाहिए। इसके बाद आप अपनी सुविधा के अनुसार समय बढ़ा सकते हैं।

Meditation का हिंदी क्या होता है?

ध्यान लगाना।

मेडिटेशन कब करना चाहिए?

आपको जब समय मिले तब आप मेडिटेशन कर सकते हैं परंतु इसके लिए सुबह का समय अच्छा माना जाता है।

मेडिटेशन में क्या करें?

आप मंत्रों का जाप कर सकते हैं वह भी मानसिक जाप। इसके अलावा आप किसी रंग, चीज, वस्तु, आकार, आदमी के बारे में विचार कर सकते हैं।

निष्कर्ष

आशा है आपको Meditation in Hindi के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी। अगर अभी भी आपके मन में How to do Meditation in Hindi और मेडिटेशन कैसे करें? को लेकर आपका कोई सवाल है तो आप बेझिझक कमेंट सेक्शन में कमेंट करके पूछ सकते हैं। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें ताकि सभी को Meditation Kaise Kare के बारे में जानकारी मिल सके।

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