सफेद मूसली क्या होता है? सफेद मूसली खाने के फायदे और नुकसान? जानिए Safed Musli Ke Fayde aur Nuksan से जुड़ी सभी जानकारी हिंदी में

आज हम जानेंगे सफेद मूसली के फायदे और नुकसान क्या है पूरी जानकारी (Benefits and Side Effects of Safed Musli in Hindi) के बारे में क्योंकि चाहे आप आयुर्वेदिक दवाइयों का इस्तेमाल करते हो चाहे ना करते हो आपने कभी ना कभी आयुर्वेदिक दवाइयों में सफेद मूसली का जिक्र अवश्य देखा या फिर सुना होगा। आमतौर पर इसे लोगों के सामने एक ताकत वर्धक आयुर्वेदिक दवा के तहत प्रजेंट किया जाता है और जितनी भी आयुर्वेदिक दवाइयां व्यक्ति की शारीरिक कमजोरियों को दूर करने के लिए बनाई जाती हैं

उन सभी दवाइयों में अधिकतर सफेद मूसली का इस्तेमाल निश्चित तौर पर किया ही जाता है। इसे आयुर्वेदिक ग्रंथों में एक ताकतवर औषधि के तहत वर्णित किया गया है। आज के इस लेख में जानेंगे कि Safed Musli Kya Hai, सफेद मूसली खाने के फायदे, सफेद मूसली खाने के नुकसान, Safed Musli Khane ka Tarika आदि की जानकारीयां पूरा डिटेल्स में जानने को मिलेगा, इसलिये इस लेख को सुरू से अंत तक जरूर पढे़ं।

सफेद मूसली क्या है? – What is Safed Musli in Hindi?

Safed Musli Hindi
Safed Musli Hindi

बात करें अगर Safed Musli की तो इसे इंडिया में एक प्राचीन और काफी कठिनाई से प्राप्त होने वाली आयुर्वेदिक औषधि के तहत जाना जाता है जिसका मुख्य तौर पर इस्तेमाल शारीरिक कमजोरियों को दूर करने के लिए किया जाता है। आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी दवा का निर्माण करने वाली कंपनियां अपनी दवाइयों में सफेद मूसली का इस्तेमाल अवश्य करती हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सफेद मुसली को दिव्य औषधि भी कहा जाता है।

अगर इसके प्रमुख इस्तेमाल के बारे में बात करें तो इसका प्रमुख इस्तेमाल सेक्सुअल परफारमेंस को बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसका इस्तेमाल महिलाएं और पुरुष दोनों कर सकते हैं। यह बिस्तर पर आपकी परफॉर्मेंस को सुधारने का काम करता है। इसीलिए अधिकतर ऐसे पुरुष और महिलाएं इसका सेवन करते हैं जो बिस्तर पर अच्छी परफॉर्मेंस नहीं दे पाते हैं। सफेद मूसली आपकी बॉडी में नई जान और ऊर्जा भरता है, साथ ही यह आपके शुक्राणुओं की संख्या भी बढ़ाता है।

मूसली कितने प्रकार की होती है? – Types of Musli in Hindi

भारतीय आयुर्वेदिक ग्रंथों में कुल 2 प्रकार की मूसली का वर्णन किया गया है।

1. काली मूसली : काली मूसली का अधिकतर इस्तेमाल इंसान अपनी सेक्सुअल पावर को बढ़ाने के लिए करता है

2. सफेद मूसली : Safed Musli का इस्तेमाल भी इसी से मिलता-जुलता हुआ है। कुल मिलाकर यह दोनों औषधि बहुत ही ताकतवर औषधि, शारीरिक कमजोरियों को दूर करने के लिए मानी जाती है।

सफेद मूसली खाने की विधि और तरीका क्या है? – Method of Eating Safed Musli

बता दे कि इंटरनेट पर सफेद मूसली क्या है इसके बारे में हजारों आर्टिकल मौजूद है परंतु उनमें से काफी कम आर्टिकल में ही इस बात की जानकारी दी गई है कि आखिर Safed Musli को खाने का सही तरीका क्या है अथवा Safed Musli को खाने की विधि क्या है। इसलिए अधिकतर लोगों के मन में यह क्वेश्चन उत्पन्न होता है कि आखिर सफेद मूसली कैसे खाएं।

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बात करें अगर सफेद मूसली के सेवन की विधि की तो इसकी सेवन विधि जानना बहुत ही आवश्यक होता है क्योंकि अगर आप बिना इसकी सेवन विधि जाने इसका सेवन करते हैं तो हो सकता है आपको इसका फायदा मिलने की जगह पर इसका नुकसान उठाना पड़ जाए। बता दें कि आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट के तहत आपको Safed Musli मुख्य तौर पर मूसली चूर्ण, मूसली पाउडर या फिर मूसली पाक के तहत इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।

अगर आप सामान्य तौर पर सफेद मूसली का सेवन करना चाहते हैं तो आप Safed Musli का सेवन गाय के ताजा गर्म दूध के साथ कर सकते हैं। इसके अलावा नीचे हम आपके साथ सफेद मूसली की सेवन विधि शेयर कर रहे हैं जिसके तहत आप इसका सेवन करना चालू कर सकते हैं।

  • आप Safed Musli के चूर्ण को दिन में एक चम्मच सुबह खाना खाने के बाद और एक चम्मच रात को खाना खाने के बाद ले सकते हैं।
  • अगर आप सफेद मूसली कैप्सूल का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप सुबह खाना खाने के बाद दो कैप्सूल और रात को खाना खाने के बाद 2 कैप्सूल गर्म दूध के साथ ले सकते हैं।
  • अगर आप मूसली पाक का सेवन कर रहे हैं तो आप दोपहर के टाइम में तीन चम्मच और रात को सोने से पहले दो चम्मच इसका सेवन कर सकते हैं।

यहां पर हम आपका ध्यान इस तरफ भी दिलाना चाहते हैं कि Safed Musli की खुराक पेसेंट व्यक्ति की उम्र, उसके लिंग के हिसाब से भी दी जाती है। इसलिए बेहतर रहेगा कि आप अपने डॉक्टर से इसकी खुराक के बारे में कंसल्ट कर लें ताकि आपको इसके सेवन का पूरा पूरा फायदा प्राप्त हो सके।

सफेद मूसली खाने के फायदे – Benefits of Eating Safed Musli in Hindi

अगर आप किसी व्यक्ति से पूछेंगे कि सफेद मूसली खाने से कौन से फायदे होते हैं तो फटाफट वह एक लाइन में यही जवाब देगा कि इसे खाने से हमारी शारीरिक कमजोरी दूर होती हैं परंतु रुकिए इसके फायदे सिर्फ यही तक ही सीमित नहीं है। इसके कई अन्य फायदे भी हैं जो इस प्रकार है।

1. संबंध बनाने की क्षमता बढ़ती है

जो भी व्यक्ति Safed Musli का सेवन करता है तो इसके कारण उसके संबंध बनाने की इच्छा में बढ़ोतरी होती है और वह काफी देर तक बिस्तर पर अच्छी परफॉर्मेंस दे पाता है और इसीलिए मार्केट में सफेद मूसली को संबंध क्षमता बढ़ाने की दवा के तहत ही प्रचारित किया जाता है।

2. शीघ्रपतन से छुटकारा मिलता है

अच्छा खाना ना खा पाने के कारण अथवा खाने में पौष्टिक तत्वो की कमी होने के कारण कई लोगों को शीघ्रपतन की समस्या होती है। ऐसे में अगर वह लोग सफेद मूसली का सेवन करते हैं तो वह अपनी इस समस्या से निजात पा सकते हैं क्योंकि इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए Safed Musli से अच्छी और कोई भी आयुर्वेदिक औषधि नहीं हो सकती है।

3. उत्तेजना आती है

संबंध बनाने के दरमियान कई लोगों को यह शिकायत होती है कि उन्हें अपने लिंग में ऊतनी उत्तेजना महसूस नहीं होती जितना की उनहे पहले होती थी। इस प्रकार अगर आपको भी यह समस्या है तो सफेद मूसली आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं क्योंकि यह आपके लिंग को उत्तेजित करने का काम करती है।

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4. नपुसंकता दूर होती है

सफेद मूसली ऐसे लोगों के लिए एक रामबाण दवा है जो नपुसंकता की समस्या से परेशान है क्योंकि कई लोगों ने इस बात को स्वयं कहा है कि Safed Musli का लगातार 1 से 2 महीने तक सेवन करने से उन्हें अपने शरीर में एक अलग ही ऊर्जा का एहसास हुआ है।

अगर आप Safed Musli का सेवन करते हैं तो यह आपके स्पर्म को गाढ़ा बनाने का काम करती है और आपके स्पर्म की क्वालिटी को भी सुधारती है। अगर नपुसंकता को दूर करने के लिए आप इसका इस्तेमाल करने की सोच रहे हैं तो आपको सफेद मूसली और कौंच के बीज का सेवन एक साथ करना चाहिए। यह आपको काफी कम समय में बढ़िया रिजल्ट देंगे।

5. बॉडी बनाती है

सफेद मूसली मुख्य तौर पर हमारी शारीरिक कमजोरियों को दूर करती है और इसीलिए आजकल कई बॉडीबिल्डर भी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। एक तो आयुर्वेदिक औषधि होने के कारण इसका कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता है। इसीलिए लोग अपने स्टैमिना को इनक्रीस करने के लिए और अपनी मसल्स को डिवेलप करने के लिए तथा शक्ति पाने के लिए Safed Musli का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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अगर आप शारीरिक रूप से कमजोर है या फिर आप बहुत ज्यादा दुबले-पतले हैं तो सफेद मूसली का अश्वगंधा के पाउडर के साथ सेवन करना आपके लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकता है। यह आपके दुबले पतले शरीर को धीरे-धीरे स्ट्रांग बना देगा।

सफ़ेद मूसली खाने के नुकसान – Side Effects of Safed Musli in Hindi

यह बात तो आप अच्छी तरह से जानते हैं कि किसी भी चीज के अगर कुछ फायदे होते हैं तो थोड़ा बहुत नुकसान भी उस चीज का होता है। हालांकि यह इस बात पर भी डिपेंड करता है कि आप कैसे उस चीज को ले रहे हैं। नीचे आपको सफेद मूसली खाने के कुछ नुकसान बताए जा रहे हैं।

1. भूख में कमी आना

एक निश्चित मात्रा में सफेद मूसली का सेवन करना तो आपके लिए फायदेमंद हो सकता है परंतु अगर आप इसका सेवन ज्यादा मात्रा में करने लगते हैं तो इसका सबसे पहला प्रभाव आपकी भूख के ऊपर पड़ता है, क्योंकि Safed Musli हमारी बॉडी में जाकर के भूख में कमी ला देती है। इसीलिए अगर आपको भूख की कमी का एहसास होता है तो आपको इसका सेवन काफी कम मात्रा में ही करना चाहिए।

2. कफ होना

ठंडी तासीर की प्रकृति Safed Musli की होती है। इसलिए हमारी बॉडी में यह कफ को उत्पन्न करने का काम करती है। अगर कफ की प्रॉब्लम से कोई व्यक्ति परेशान है तो उसे सफेद मूसली का सेवन नहीं करना चाहिए और अगर उसे करना ही पड़े तो सबसे पहले उसे किसी डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए।

3. गर्भावस्था एवं स्तनपान

वैसे तो कोई ठोस कारण गर्भावस्था के दरमियान या फिर स्तनपान के दरमियान सफेद मूसली का सेवन ना करने का समझ में नहीं आता है परंतु जहां तक हो सके तो गर्भावस्था के दरमियान या फिर स्तनपान करवाने के दरमियान महिलाओं को Safed Musli का सेवन नहीं करना चाहिए। अगर किसी महिला को इसका सेवन करने की इच्छा होती भी है तो उसे डॉक्टर से राय सलाह अवश्य कर लेनी चाहिए।

4. पाचन तंत्र पर प्रभाव

सफेद मूसली चाहे आप किसी भी फार्म में क्यों ना लें, यह हमारे पेट में जाकर के काफी धीमी से पचती है क्योंकि यह धीमे-धीमे ही पचती है। इसीलिए जिन लोगों का डाइजेस्टिव सिस्टम यानी कि पाचन तंत्र कमजोर है उन्हें काफी कम मात्रा में इसका सेवन करना चाहिए वरना उन्हें पेट से संबंधित प्रॉब्लम का सामना करना पड़ सकता है।

सफेद मूसली की पहचान कैसे करें? – How to identify Safed Musli

Safed Musli एक कंदयुक्त पौधा होता है और इसकी टोटल ऊंचाई तकरीबन डेढ़ फीट के आसपास होती है और यह जमीन में तकरीबन 10 इंच नीचे तक होती है। इसका वैज्ञानिक नाम च्लोरोफ्य्तुम बोरिविलिअनुम है। सफेद मूसली की जो जड़ होती है वही इसकी मुख्य चीज होती है और यही जड़ बाजार में पैक होकर के बिकती है। इसकी जड़ें जमीन में तकरीबन 10 इंच तक अंदर होती हैं जो कभी-कभी गोल और रेशेदार होती हैं। दिखने में इसकी जड़ सफेद रंग की होती है।

निष्कर्ष

आज के इस लेख में आपने जाना की सफेद मूसली क्या होता है? और सफेद मूसली के फायदे और नुकसान क्या है? (Benefits and Side Effects of Safed Musli in Hindi) इस लेख को पूरा पढ़ने के बाद भी अगर आपके मन में Safed Musli Ke Fayde को लेकर कोई सवाल उठ रहा है तो आप नीचे Comment करके पूछ सकते हैं। हमारी विशेषज्ञ टीम आपके सभी सवालों का जवाब देगी। अगर आपको लगता है कि इस लेख में कोई गलती है तो आप नीचे Comment करके हमसे बात कर सकते हैं, हम उसे तुरंत सुधारने की कोशिश करेंगे।

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