सूर्य नमस्कार क्या होता है? सूर्य नमस्कार कैसे करते है? जानिए सूर्य नमस्कार के फायदे और नुकसान से जुड़ी सभी जानकारी हिन्दी में

आज हम जानेंगे सूर्य नमस्कार क्या है और कैसे करे पूरी जानकारी (Surya Namaskar in Hindi) के बारे में क्योंकि सूर्य नमस्कार की गिनती हम योगासन में कर सकते हैं क्योंकि जो सूर्य नमस्कार होता है इसे सुबह के समय में किया जाता है। सूर्य नमस्कार का हिंदी में अर्थ होता है सूर्य को नमस्कार करना। एक प्रकार से यह एक ऐसा योगासन है जिसके जरिए हम अपने आप को स्वस्थ रख सकते हैं। जिस प्रकार योग के अंदर विभिन्न प्रकार के आसनों को बताया गया है, उसी प्रकार इसका भी जिक्र योगा में किया गया है।

सूर्य नमस्कार करने से हमारे दिन की शुरुआत अच्छी होती है। इसके साथ ही इसके कई अन्य फायदे भी है जिसके बारे में आगे हम जानेंगे। आज के इस लेख में जानेंगे कि Surya Namaskar Kya Hota Hai, सूर्य नमस्कार के फायदे, Surya Namaskar in Hindi, सूर्य नमस्कार के नुकसान, Surya Namaskar meaning in Hindi, सूर्य नमस्कार कैसे करे, आदि की जानकारीयां पूरा डिटेल्स में जानने को मिलेगा, इसलिये इस लेख को सुरू से अंत तक जरूर पढे़ं।

सूर्य नमस्कार क्या है? – What is Surya Namaskar in Hindi

Surya Namaskar in Hindi

बता दें कि हिंदू धर्म में एनर्जी के स्त्रोत के तहत सूर्य भगवान की पूजा की जाती है। इसके साथ ही ऐसा भी माना जाता है कि हिंदू धर्म में काफी प्राचीन काल से ही हिंदू धर्म के ऋषि मुनियों के द्वारा Surya Namaskar आसन को किया जा रहा है। सूर्य नमस्कार की व्याख्या की जाए तो इसका सीधा सा मतलब यही होता है कि सूरज को नमस्कार करना या फिर सूरज को प्रणाम करना अथवा आप यह भी कह सकते हैं कि सूर्य नमस्कार का मतलब है सूरज का वंदन करना।

अंग्रेजी में Surya Namaskar को सन सेल्यूटेशन कहा जाता है। अगर आप ऐसे व्यक्ति हैं जिनके मन में योगा करने की इच्छा उत्पन्न हो रही है तो आप अपने योगा करने की स्टार्टिंग Surya Namaskar को करके कर सकते हैं। सूर्य नमस्कार से संबंधित एक इंटरेस्टिंग बात यह भी है कि अगर आप Surya Namaskar करते हैं तो लगभग 12 प्रकार के योगासन का बेनिफिट सूर्य नमस्कार करने के कारण आपको प्राप्त होता है। योगा में सबसे बढ़िया योगासन सूर्य नमस्कार को कहा गया है।

सूर्य नमस्कार कैसे करें स्टेप बाय स्टेप फोटो के साथ – How to do Surya Namaskar step by step with image in Hindi

अगर आप Surya Namaskar का पूरा फायदा प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको यह जान लेना चाहिए कि सूर्य नमस्कार करने का तरीका क्या है। नीचे हम स्टेप बाय स्टेप आपको इस बात की इंफॉर्मेशन प्रोवाइड करवा रहे हैं कि सूर्य नमस्कार कैसे किया जाता है।

1. प्रणामासन

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सूर्य नमस्कार की स्टार्टिंग इसी आसन से होती है। इसके लिए सबसे पहले आपको अपनी कमर को बिल्कुल सीधा कर लेना है और उसके बाद आपको अपने दोनों हाथों को आपस में प्रार्थना की मुद्रा में करके अपने सीने के पास लाना है। इसके बाद आपको जिस साइड सूरज दिखाई दे रहा है, उस साइड सूरज को देखना है।

2. हस्त उत्तानासन

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अब आपको अपनी कमर को थोड़ा सा टेढ़ा करना है और खड़े-खड़े ही आपको पीछे की तरह झुकना है। इस दरमियान आपके दोनों हाथ आपस में जुड़े हुए ही होने चाहिए।

3. पादहस्तासन

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अब आप को फिर से सीधा हो जाना है और फिर सीधा होने के बाद आपको अपने सिर को अपने घुटनों की तरफ झुकाना है। इस दरमियान आपको सास बाहर और अंदर करनी है।

4. अश्व संचालनासन

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अब आपको अपने दाहिने पैर को आगे लाना है और अपने बाएं पैर को आपको पीछे लेना है और दाहिने पैर को आगे ले करके आपको नीचे बैठ जाना है और आपको अपने सर की मुंडी को आसमान की तरफ करके देखना है।

5. दंडासन

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अब जिस प्रकार से हम लोग जिम में पुश अप एक्सरसाइज करते हैं आपको उस प्रकार से अपने दोनों पैरों को पीछे लेकर के जाना है और आपको अपने दोनों हाथों को थोड़ी दूर पर रख कर के अपने शरीर को इस प्रकार से करना है कि आपके पीछे के दोनों पैर जमीन में टच रहें और आगे से आप उठे हुए रहे।

6. अष्टांग नमस्कार

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अब आपको अपने घुटने और पैरों को जमीन में टच कर देना है। इसके साथ ही साथ आपको अपने सीने को और अपनी हथेली को भी जमीन में छुआ करके रखना है और इस क्रिया को करने के दरमियान आपको अपनी सास को कुछ देर तक स्टॉप करके रखने की कोशिश करनी है।

7. भुजंगासन

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अब आपको अपने दोनों पैरों को पीछे की साइड में थोड़ी दूर पर जमीन में टच कर देना है और आपको अपने दोनों हाथों को बिल्कुल सीधा आगे रखना है और आपको इस प्रकार से अपनी बॉडी को रखना है कि आपकी कमर का हिस्सा जमीन में टच हो कर के रखे और आपका सीना बिल्कुल ऊपर की तरफ हो अर्थात आपको आसमान की तरफ देखना है।

8. अधोमुख शवासन

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अब आपको अपनी बॉडी को उल्टा V के शेप में रखना है अर्थात आपको अपने दोनों पैरों को खड़ा करना है और अपने दोनों हाथों को आपका जमीन में टच करना है। आप चाहे तो बेहतर समझने के लिए इंटरनेट पर पर्वतासन का आसन देख सकते हैं।

9. अश्व संचालनासन

Ashwa Sanchalanasana Image
Ashwa Sanchalanasana Image

अब आपको अपने एक पैर को पीछे की तरफ फैला करके रखना है और दूसरे वाले पैर को आपको आगे की तरफ करके मोड़ लेना है और आपको आसमान की तरफ अपने दोनों हाथों की हथेलियों को जमीन पर रख कर के देखना है।

10. पादहस्तासन

Padahastasana
Padahastasana

अब आपको अपने दोनों पैरों को आपस में मिलाना है और अपने कमर के हिस्से से आपको अपने सर को अपने घुटने में टच करना है और आपको अपने दोनों हाथों से अपने दोनों पैरों को पकड़ना है। इस दरमियान भी आपको अपनी सास को अंदर बाहर करना है।

11. हस्त उत्तानासन

Hasta Uttanasana
Hasta Uttanasana

अब आपको अपने दोनों हाथों को आपस में नमस्कार की मुद्रा में मिलाना है और फिर आपको सीधा खड़ा होकर के आपको अपने दोनों हाथों को पीछे की तरफ झुकाना है। जब आप ऐसा करेंगे तो आपका आकार उल्टे चांद की तरह दिखाई देगा।

12. प्रणामासन

Pranamasana
Pranamasana

अब आपको बिल्कुल सीधा अपने दोनों पैर के घुटनों को आपस में मिलाकर के खड़े हो जाना है और फिर नमस्कार की मुद्रा में आपको अपने दोनों हाथों की हथेलियों को आपस में जोड़ लेना है। इस दरमियान आपकी जो कमर है उसे आपको बिल्कुल सीधा करके रखना है और आपको सूरज की तरफ देख करके सूरज को प्रणाम करना है। इस प्रकार सूर्य नमस्कार पूरा होता है।

सूर्य नमस्कार के फायदे – Benefits of Surya Namaskar

सूर्य नमस्कार करने के निम्नलिखित फायदे है

ऐसे हर व्यक्ति को सूर्य नमस्कार करना चाहिए जो मोटे कद के हैं, क्योंकि Surya Namaskar को करने के कारण कई लोगों ने अपने वजन में काफी ज्यादा फर्क महसूस किया है और उनका वजन कम हुआ है। इस प्रकार से सूर्य नमस्कार करने से बॉडी वेट कम हो सकता है।

जिन लोगों को भूख नहीं लगती है या फिर जिन्हें डाइजेस्टिव सिस्टम के खराब होने की शिकायत रहती है वह Surya Namaskar अगर करते हैं तो इससे उन्हें इन दोनों समस्या से निजात मिलती है।

Surya Namaskar करने से हमारी जो बॉडी है, वह फ्लैक्सिबल बनती है। यानी की अगर आप सूर्य नमस्कार करते हैं तो इससे आपकी बॉडी में लचीलापन आता है।

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कब्ज एक ऐसी समस्या है जिससे जवान लोग तो परेशान होते ही हैं, साथ ही बुजुर्ग लोग भी इस समस्या से जूझते हैं। ऐसे में लोगों को Surya Namaskar करना चाहिए, क्योंकि सूर्य नमस्कार कब्ज जैसी समस्या से जवान और बुजुर्ग दोनों ही उम्र के लोगों को छुटकारा दिलाता है।

सूर्य नमस्कार करने का जो सबसे तगड़ा फायदा हमें प्राप्त होता है वह यह है कि हम मानसिक तौर पर काफी स्ट्रांग बन जाते हैं क्योंकि Surya Namaskar करने से हमारी मानसिक अवस्था डिवेलप होती है। इसके अलावा इसका अन्य फायदा यह है कि सूर्य नमस्कार से हमें शारीरिक रूप से भी फायदे मिलते हैं।

जब हम Surya Namaskar करते हैं तो इसके कारण हमारी बॉडी को अलग-अलग आसन करने पड़ते हैं। इसीलिए हमारी बॉडी में जो हड्डियां है, वह भी इसके कारण मजबूत अवस्था में पहुंच जाती है।

सूर्य नमस्कार के नुकसान – Disadvantages of Surya Namaskar

जिन महिलाओं के पेट में बच्चा है या फिर जिनकी डिलीवरी की डेट काफी नजदीक आ गई है उन्हें सूर्य नमस्कार को नहीं करना चाहिए क्योंकि सूर्य नमस्कार में जो आसन किया जाता है उससे आपकी बॉडी पर प्रेशर पड़ता है जो कि गर्भावस्था के दरमियान ठीक नहीं माना जाता है।

अगर आपको अपनी बॉडी में कहीं भी किसी भी प्रकार का घाव हुआ है तो घाव होने की अवस्था में आपको इसे नहीं करना चाहिए, वरना घाव में इंफेक्शन फैल सकता है, क्योंकि Surya Namaskar करने के कारण चमड़ी में खिंचाव उत्पन्न होता है।

अगर आपको रीढ़ की हड्डियों से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या है तो भी आपको इसे नहीं करना चाहिए, वरना आपको काफी ज्यादा दर्द महसूस हो सकता है।

हृदय रोग, हर्निया और हाई ब्लड प्रेशर यह तीनों कुछ ऐसी बीमारियां हैं जिससे अगर कोई व्यक्ति ग्रसित है तो सूर्य नमस्कार को उसे भूल कर भी नहीं आजमाना चाहिए।

किसी भी व्यक्ति के अगर पैरों में दर्द है या फिर किसी व्यक्ति को घुटनों की समस्या है तो उसे इसे नहीं करना चाहिए।

क्या सूर्य नमस्कार वजन घटाने में मदद करता है? – Does Surya Namaskar help in Weight Loss

जैसा कि हमने आपको ऊपर इस बात की जानकारी प्रोवाइड करवाई की सूर्य नमस्कार में टोटल 12 प्रकार के आसन होते हैं और यह 12 प्रकार के आसन ऐसे आसन होते हैं, जो कार्डियोवैस्कुलर वर्कआउट की तरह ही बिल्कुल काम करते हैं। जब हम Surya Namaskar करते हैं तो इसके कारण हमारी बॉडी में मौजूद सभी प्रकार की मांसपेशियां एक्टिव होती है और उनमें स्ट्रैचिंग भी होती है।

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जब मांसपेशियों की स्ट्रैचिंग होती है तो इसके कारण हमारे पेट के इलाके में जो फालतू की चर्बी जम गई है, वह धीरे-धीरे गलने लगती है और जब चर्बी हमारी बॉडी में से गलती है तो इसके कारण हमारा वजन भी कम होता है। इस प्रकार वजन घटाने में सूर्य नमस्कार काफी फायदेमंद होता है। हालांकि यह आपको तुरंत ही रिजल्ट नहीं देगा बल्कि 3 से 4 महीने में आपको इसका फर्क दिखाई देगा।

सूर्य नमस्कार में कितने आसन होते हैं? – How many Poses in Surya Namaskar

टोटल 12 प्रकार के आसन Surya Namaskar में होते हैं और सूर्य नमस्कार को करने की स्टार्टिंग प्रणमासन को करने के बाद होती है। नीचे हम आपको सूर्य नमस्कार में आने वाले सभी 12 प्रकार के आसन के नाम दे रहे हैं।

  1. प्रणामासन
  2. हस्तउत्तनासन
  3. पादहस्तासन
  4. अश्व संचालनासन
  5. दंडासन
  6. अष्टांग नमस्कार
  7. भुजंगासन
  8. अधोमुख शवासन
  9. अश्व संचालनासन
  10. पादहस्तासन
  11. हस्तउत्तनासन
  12. प्रणामासन

क्या मासिक चक्र में सूर्य नमस्कार कर सकते हैं?

जी हां, हर वह महिला अपने पीरियड के दरमियान सूर्यनमस्कार को कर सकती है जो सूर्य नमस्कार करना चाहती है, क्योंकि इसमें कोई भी दो राय नहीं है कि Surya Namaskar करने से हमें फायदे ही प्राप्त होते हैं। अगर किसी महिला को सही टाइम से पीरियड नहीं आ रहा है या फिर उसका पीरियड मिस हो गया है तो सही प्रकार से सूर्य नमस्कार करने से उनका पीरियड सही टाइम पर आने लगता है। इसके अलावा सूर्य नमस्कार का एक फायदा यह भी है कि जब कोई महिला बच्चे को जन्म देती है तो उस दरमियान जो दर्द होता है वह थोड़ा सा कम हो जाता है।

सूर्य नमस्कार का मंत्र – Surya Namaskar Mantra in Hindi

आदित्यस्य नमस्कारन् ये कुर्वन्ति दिने दिने।

आयुः प्रज्ञा बलम् वीर्यम् तेजस्तेशान् च जायते॥

सूर्य नमस्कार कब और कहां पर करना चाहिए?

आपने ऊपर यह अच्छे से जान लिया होगा कि सूर्य नमस्कार का मतलब होता है सूरज को प्रणाम करना या फिर सूरज को नमस्कार करना और यही वजह है कि Surya Namaskar को करने के लिए सबसे अच्छा समय सुबह का माना जाता है। सुबह जब सूरज निकल आता है तब आप आसन बिछाकर के सूर्य नमस्कार कर सकते हैं।

बात करें अगर Surya Namaskar करने के लिए सबसे अच्छी जगह की तो आपको सूर्य नमस्कार ऐसी जगह पर करना चाहिए जहां से आपको सूरज साफ तौर पर दिखाई दे। वह जगह आपके घर की बालकनी भी हो सकती है या फिर आपके घर का छत भी हो सकता है।

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इसके अलावा आप चाहे तो अपने घर के आस-पास स्थित किसी गार्डन में जाकर के भी सूर्य नमस्कार कर सकते हैं। सबसे अच्छी जगह Surya Namaskar को करने के लिए खुली जगह मानी जाती है। हालांकि इस बात का ध्यान रखें कि आप जहां पर सूर्य नमस्कार करें वहां का वातावरण शांत हो ताकि आप अपना पूरा ध्यान Surya Namaskar में लगा सके।

सूर्य नमस्कार से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूर्य नमस्कार कितनी बार करना चाहिए?

अगर आप पहली बार सूर्य नमस्कार कर रहे हैं तो आपको स्टार्टिंग में एक ही बार सूर्य नमस्कार करना चाहिए और उसके बाद आप चाहे तो इसे सुबह के समय में लगातार तीन बार कर सकते हैं।

सूर्य नमस्कार करने का अच्छा समय क्या होता है?

सुबह का समय

सूर्य नमस्कार का शाब्दिक अर्थ क्या है?

सूरज को प्रणाम करना

सूर्य नमस्कार करने से कितनी कैलोरी बर्न होती है?

400 कैलरी

सूर्य नमस्कार में कुल कितनी मुद्राएं होती हैं?

12

निष्कर्ष

आज के इस लेख में आपने जाना की सूर्य नमस्कार क्या होता है? और सूर्य नमस्कार कैसे करते है? (Surya Namaskar in Hindi) इस लेख को पूरा पढ़ने के बाद भी अगर आपके मन में Surya Namaskar Ke Fayde aur Nuksan को लेकर कोई सवाल उठ रहा है तो आप नीचे Comment करके पूछ सकते हैं। हमारी विशेषज्ञ टीम आपके सभी सवालों का जवाब देगी।

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